राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने वाले वनाधिकारी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों और वन समितियों के महा-सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्यों से देश-विदेश में मध्यप्रदेश की छवि निखारने वाले वन अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया। श्री चौहान ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में सर्वाधिक पौध-रोपण का रिकार्ड मध्यप्रदेश के नाम होने में विशेष योगदान के लिये अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वाय. सत्यम सहित 7 वन अधिकारी को स्वर्ण-पदक और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया।

सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. सुहास कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री रमेश प्रताप सिंह, मुख्य वन संरक्षक श्री आर. श्रीनिवासमूर्ति, मुख्य वन संरक्षक श्री जसवीर सिंह चौहान को वन्य-प्राणी प्रबंधन, प्रभारी राज्य-स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स श्री रीतेश सिरोठिया को वन्य-प्राणी अपराध अन्वेषण और मुख्य कार्यपालन अधिकारी लघु वनोपज प्र-संस्करण केन्द्र भोपाल श्री अभय पाटिल को हर्बल उत्पाद में उल्लेखनीय कार्यों के लिये पुरस्कृत किया गया।

श्री वाय. सत्यम ने वन वृत्त शहडोल में अपनी पद-स्थापना के दौरान 22 जुलाई, 2013 को एक ही दिन में शहडोल जिले के एक हजार गाँव में 55 लाख 26 हजार 945 पौध-रोपण करवाये। इनमें से साक्ष्य द्वारा सत्यापित 17 लाख 8 हजार 181 पौधों का गिनीज बुक में विश्व कीर्तिमान बना। श्री सत्यम ने ये पौधे जन-भागीदारी और संयुक्त वन प्रबंध समितियों के माध्यम से तैयार कर बिना शासकीय खर्च के निजी भूमि पर रोपित करवाये। दूसरी बार श्री सत्यम की कार्य-योजना के अनुसार 31 जुलाई, 2014 को एक दिन में एक करोड़ 43 लाख पौध-रोपण हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश ने एक वर्ष पूर्व बने विश्व रिकार्ड को स्वयं ही तोड़ते हुए एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया।

श्री आर. श्रीनिवासमूर्ति को बाघ शून्य हो चुके पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2009 से 2015 की अवधि के दौरान कुशल प्रबंधन से बाघ संख्या 31 करने और विश्व में एक अनोखी मिसाल पेश करने के लिये पुरस्कृत किया गया। श्री मूर्ति को इस कार्य के लिये विश्व प्रकृति निधि भारत द्वारा वर्ष 2012 में बाघ मित्र पुरस्कार और वर्ष 2015 में आर.बी.एस. फाउण्डेशन द्वारा ‘अर्थ हीरो’ पुरस्कार भी मिल चुका है।

श्री रमेश प्रताप सिंह को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से वर्ष 2011 से 2015 के बीच 35 गाँव के सफलता से विस्थापन के लिये सम्मानित किया गया। श्री सिंह के उत्कृष्ट कार्यों के चलते ही सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में द्वितीय सर्वश्रेष्ठ बॉयो-डायवर्सिटी पार्क, टाफ्ट फाउण्डेशन द्वारा सर्वश्रेष्ठ विजिटर्स फ्रेण्डली वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन ऑफ द इयर पुरस्कार दिया गया। श्री सिंह को वर्ष 2015 में आर.बी.एस. फाउण्डेशन द्वारा ग्रीन वॉरियर्स अवार्ड भी मिला।

डॉ. सुहास कुमार को 29 हाईग्राउण्ड बारहसिंघा के सफल ट्रांसलोकेशन और बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों को स्थानान्तरित करने के लिये सम्मानित किया गया। श्री जसबीर सिंह चौहान को वर्ष 2010 से 2013 के बीच कान्हा टाइगर रिजर्व से बाँधवगढ़ में 31 गौर के सफल स्थानांतरण और 29 हार्डग्राउण्ड बारासिंघा के गैर-रासायनिक ट्रांसलोकेशन के लिये पुरस्कृत किया गया।

श्री रीतेश सिरोठिया को पेंगोलिन वन्य-प्राणी के शिकार और उसके अंगों के अवैध व्यापार में लिप्त अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए देश के 8 राज्य से 76 आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के लिये पुरस्कृत किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी लघु वनोपज प्र-संस्करण एवं अनुसंधान केन्द्र भोपाल श्री अभय पाटिल को विन्ध्या ब्राण्ड के आयुर्वेदिक एवं हर्बल उत्पाद में किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिये स्वर्ण-पदक मिला।

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