राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग थोड़ी देर में, रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी

नई दिल्ली : भारत के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार आमने-सामने हैं. इसके लिए सुबह 10 बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी. आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है. मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी. इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं.

देशभर में मांगे वोट

इस बार के राष्‍ट्रपति चुनाव में राजग का पलड़ा भारी लग रहा है लेकिन विपक्ष अपने उम्मीदवार के समर्थन में कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है. बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने देश भर में घूम-घूम कर अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में लोगों से मत देने को कहा.

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कुल मतों की संख्या 10,98,903

निर्वाचक मंडल के कुल मतों की संख्या 10,98,903 है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार को 63 फीसदी से अधिक मत मिलने की संभावना है. भारतीय जनता पार्टी के सदस्य कोविंद को कुछ क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़कर राजग के करीब सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त है. वहीं मीरा कुमार को कांग्रेस सहित 17 मुख्य विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है.

24 जुलाई को पूरा होगा कार्यकाल

मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है. अब तक मुखर्जी समेत 13 लोग इस पद पर रह चुके हैं. इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता-4120 विधायक और 776 सांसद – अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं. राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते.

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12 नामित सदस्य नहीं डाल पाएंगे वोट

लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है. राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं. यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है इसलिये पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकतीं.

मतगणना 20 जुलाई को

भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है. हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है. मतों की गणना 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में होगी और उसी दिन शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के कमरा संख्या-62 में मतदान केंद्र बनाया गया है तथा सांसद जिन राज्यों से चुनकर आए हैं, उसे आवंटित मेज संख्या के अनुसार मतदान करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी मेज संख्या-6 पर मतदान करेंगे, क्योंकि तीनों उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने बताया कि संसद भवन में कुल छह मेजों पर मतदान होगा. जिन विधायकों ने दिल्ली में मतदान करने का विकल्प चुना है, वे मेज संख्या-1 पर अपना मत डालेंगे.

आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें जनता दल (युनाइटेड) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है. जद (यू) के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी मत है, जबकि बीजद के पास 2.99 फीसदी. इसके अलावा तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पास दो फीसदी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) का एक गुट (5.39 फीसदी) और वाईएसआर कांग्रेस (1.53 फीसदी) ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है.