रास उल्लास : रोम-रोम में गूंजा आराधना का अनहद-नाद

रग-रग में उत्सव का उल्लास और अवचेतन में चेतना का आनंद लेकर मां पराम्बा शुक्रवार को भी नईदुनिया के रास-उल्लास गरबा महोत्सव में पधारीं। नवरात्रि के पहले दिन से अलग-अलग रंगों का आकाश रच रहे पांडाल में समापन दिवस पर सारे रंग छा गए।

जिस तरह भक्ति के नव- रस होते हैं, उसी तर्ज पर उल्लास के नव-रंग ने रास का उल्लास कई गुना बढ़ा दिया। समापन पर जहां शक्ति के आराधकों ने गरबा में अपनी प्राण-शक्ति झोंक दी, वहीं अंत:करण में माता की विदाई की कसक भी तैरती रही।

जो आराधक रास-उल्लास में नौ दिनों तक भक्ति-रस में डूबे रहे, वे शारदेय नवरात्रि के समापन दिवस पर आनंद के अथक यात्री बन गए। हर दिल ने महसूस किया कि ‘भारतीय पर्वों का रंग कितना चटख, उल्लासमय और रोम-रोम में अनहद-नाद गुंजा देने वाला होता है’।

ये हैं रास-उल्लास के सहयोगी

प्रेजेंटेड बाय- कॉलेजियन क्रीम

पावर्ड बाय- डीएचएल इंफ्राबुल्स

बैंकिंग पार्टनर- बैंक ऑफ बड़ौदा

एसोसिएट स्पॉन्सर- दृष्टि देवकॉन

फूड पार्टनर- ओए24

सपोर्टेड बाय- सोमानीपुरम, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, मेलोडी फ्यूजन, होटल प्रेसीडेंट पार्क, जेड ब्लैक प्रीमियम अगरबत्ती, आईबीएफ, आईएफबी इंडस्ट्रीज।