राहुल कांग्रेस के जनाधार की चिंता करें, संघ की नहीं: मनमोहन वैद्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सिर्फ कांग्रेस के घटते जनाधार की चिंता करें, संघ की नहीं। वैद्य भोपाल में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे।

मीडिया ने वैद्य से उस बयान पर प्रतिक्रिया चाही थी, जिसमें राहुल गांधी ने कहा है कि ‘संघ की शाखाओं में महिलाएं क्यों नहीं दिखाई देती हैं।’ वैद्य ने कहा कि ये सवाल ठीक वैसा है, जैसे कि पुरुषों की हॉकी टीम में महिलाओं को देखने की बात की जाए।

संघ का काम सिर्फ पुरुषों के बीच

वैद्य ने कहा कि संघ सिर्फ पुरुषों के बीच कार्य करता है, पर संघ के जनप्रबोधन के काम में महिलाएं सहयोग करती हैं। संघ परिवार जोड़ता है, महिलाएं वातावरण निर्माण का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि संघ में महिलाओं की शाखाएं भी अलग से चल रही हैं। महिलाओं का संगठन समानांतर काम करता है।

राहुल की स्पर्धा संघ से नहीं, भाजपा से है

वैद्य बोले कि दरअसल राहुल गांधी के लिए जो स्क्रिप्ट लिखते हैं, उनकी समझ कमजोर है। वे संघ को समझते ही नहीं हैं। संघ तो व्यक्ति निर्माण का काम कर रहा है, जहां उसका कोई कॉम्पटीटर नहीं है। देश में 50 हजार शाखाएं चल रही हैं, यह काम कोई सरकार की कृपा से नहीं चल रहा है। बार-बार राहुल को संघ का नाम नहीं लेना चाहिए। उनकी दादी और पापा ने भी संघ का अनावश्यक विरोध किया था, उसका नतीजा क्या हुआ। संघकार्य बढ़ रहा है, कांग्रेस का जनाधार घट रहा है। राहुल की स्पर्धा संघ से नहीं, भाजपा से है।

बौद्धिक समझ बढ़ाएं

वैद्य ने कहा कि राहुल की स्क्रिप्ट लिखने वालों को अपनी बौद्धिक समझ बढ़ाना चाहिए। क्रिकेट और हॉकी मैच की तुलना ठीक नहीं। वे अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने का प्रयास करें।

पांच संगठनों के प्रचारक आए

वैद्य ने गुरुवार से होने वाली संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ के बदले पैटर्न पर यह पहली बैठक हो रही है। वृंदावन में संघ से जुड़े सभी संगठनों की बैठक हो चुकी है, इसलिए पहली बार संघ की बैठक में भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ और सेवा भारती के ही प्रचारक शामिल होंगे। भाजपा से बैठक में रामलाल शामिल हो रहे हैं।