रेलवे की संपत्ति चोरी की थी, 20 साल बाद मिली ऐसी सजा

रेलवे की संपत्ति चोरी करने के आरोपी को 20 वर्ष बाद सजा मिली है। न्यायालय ने आरोपी की जेल में निरुद्ध अवधि को सजा में बदला है। बिलासपुर रेल मंडल के सरगबुंदिया रेलवे यार्ड से 28 अगस्त 1997 को 83 रेल स्लीपर चोरी हो गई थे।

मामले में आरपीएफ ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी दूरदेशी यादव पिता स्व. बुधराम यादव(26) निवासी आईटीआई रामपुर कोरबा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी के स्लीपर जब्त कर 3 सितंबर 1997 को जेल दाखिल किया गया। आरोपी 3 सितंबर 97 से 4 जनवरी 98 तक जेल में बंद रहा।

जमानत होने के बाद आरोपी फरार हो गया। पेशी में नहीं आने पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आरपीएफ ने 20 वर्ष से फरार आरोपी को 3 मई 2017 को गिरफ्तार जेल दाखिल किया था।

20 वर्ष पुराने मामले में विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट विक्रम प्रताप चंद्रा की अदालत में सुनवाई हुई। न्यायालय ने आरोपी की जेल में निरुद्ध अवधि को सजा में बदलने का आदेश दिया है।