लिखित परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगते थे, कॉन्स्टेबल से भी मांग लिए 3.50 लाख

जयपुर। रेलवे, जेल प्रहरी सहित ग्रुप डी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर युवाओं को ठगने वाले दो युवकों को अलवर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन युवकों ने कॉन्स्टेबल तक से साढे़ तीन लाख की ठगी करने का प्रयास किया। गिरफ्तार बदमाश परीक्षा से पहले पेपर की आंसर-की उपलब्ध कराते थे।

पुलिस का कहना है कि अलवर में सरकारी नौकरी लगवाने और लिखित परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगने वालों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है।

अलवर पुलिस की क्यूआरटी टीम में दिनेश कुमार नाम से कॉन्स्टेबल है। उसने बताया कि 27 अक्टूबर को उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले युवक ने ग्रुप डी पेपर की आंसर की उपलब्ध कराने के नाम पर 3 लाख 50 की मांग की। पूछताछ करने पर उसने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले उसका दोस्त व्हाट्सऐप पर आंसर-की उपलब्ध कराता है। सबूत के तौर पर उसने पुरानी परीक्षाओं में युवकों को उपलब्ध कराने वाले पेपर व उनसे बातचीत के मैसेज भी व्हाट्सएप पर दिखाए। दिनेश ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने योजना बनाकर फोन करने वाले युवक से संपर्क किया व ग्रुप डी परीक्षा में पास कराने की बात कही। उनके बताए अनुसार पुलिसकर्मी सादा वर्दी में उनसे मिलने पहुंचे व एक होटल में रूम भी बुक कराया।

कई दिनों की कशमकश के बाद पुलिस ने इस मामले में लक्ष्मणगढ़ निवासी 22 साल के रामवीर व मुंडावर के रेमागिरी निवासी 26 साल के संदीप को गिरफ्तार किया है। रामवीर अभी अलवर के नया बास एरिया में रहता है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने परीक्षाओं में आंसर की उपलब्ध कराने के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगने की बात कबूली है।

सीओ सिटी प्रियंका ने बताया कि ये लोग अब तक कई बेरोजगार युवकों को अपना निशाना बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि अलवर में एक बड़ा गैंग सक्रिय है।इसके तार दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, गोरखपुर व इलाहाबाद सहित देश के बड़े शहरों में चलने वाले गिरोह व सरकारी विभागों के अधिकारियों से हो सकते हैं। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि यह पहले भी कई बेरोजगार युवकों को परीक्षा से पहले आंसर की उपलब्ध करा चुके है।