लेता मंगेशकर को दी थी इस सिंगर ने कांटे की टक्कर

फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में कई ऐसे फनकार आए जिन्होंने अपनी आवाज का जादूदर्शकों पर चलाया। आज ऐसी ही एक पॉपुलर सिंगर के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी आवाज अब कहीं खो गई है। इस सिंगर का नाम है अनुराधा पौडवाल। लाइमलाइट से दूर रहने वाली अनुराधा आज अपना 65वां जन्मदिन सेलीब्रेट कर रही हैं।

 

80 के दशक में अनुराधा एक बेहतरीन गायिका बनकर उभरी थीं। उस दौर में लता मंगेशकर, आशा भोसले और अल्का याग्निक जैसी गायिकाएं झंडे गाड़ रही थीं। लेकिन अनुराधा जब आईं तो इन सभी को उन्होंने कड़ी टक्कर दी। अनुराधा को गुलशन कुमार और टी-सिरीज की खोज भी कहा जाता था। गुलशन कुमार उन्हें दूसरी लता मंगेशकर बनाना चाहते थे।

 

अनुराधा पौडवाल ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1973 में आई अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी स्टारर फिल्म ‘अभिमान’ से की थी। लेकिन उन्हें पहला बड़ा ब्रेक 1976 में सुभाष घई ने अपनी फिल्म ‘कालीचरन’ में दिया था। इसके बाद अनुराधा ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक वो राजेश रोशन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, कल्याणजी-आनंदजी और जयदेव जैसे संगीतकारों के साथ काम करती जा रहीं थीं।

 

साथ हिट गानों के जरिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही थीं। इस दौरान लता मंगेशकर और आशा भोसले के साथ उनके विवाद की भी कई खबरें रहीं जिसकी वजह से वो खुद भी दूसरे संगीतकारों के रडार पर आ गईं। उस दौर में गुलशन कुमार की म्यूजिक कंपनी टी-सिरीज सबसे बड़ी कंपनी थी। हर कोई उनके साथ काम भी करना चाहता था। अनुराधा पौडवाल ने भी अपने करियर को नए आयाम देने के लिए गुलशन कुमार के साथ हाथ मिला लिया और उनके लिए गाने लगीं।

 

सफलता ने अनुराधा के ऐसे कदम चूमे कि ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’ और ‘बेटा’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें लगातार तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड दिए गए। इस दौरान अनुराधा गुलशन कुमार की भी पसंदीदा गायिका बन गईं। हर जगह और हर मामले में वो अनुराधा पौडवाल को सपोर्ट करने लगे। इससे इंडस्ट्री में ऐसी खबरों ने आग पकड़ी कि गुलशन कुमार और अनुराधा के बीच कुछ पक रहा है। हालांकि इस पर किसी ने भी खुलकर कुछ नहीं कहा।

 

अनुराधा उसी तरह गाने गाती रहीं और आगे बढ़ती रहीं। जिस रफ्तार से वो आगे बढ़ रहीं थीं उससे लग रहा था कि लता मंगेशकर का दौर खत्म सा हो गया है। खुद कंपोजर ओपी नायर ने भी कह दिया था कि लता का दौर अब खत्म हो चुका है। अनुराधा ने उन्हें रीप्लेस कर दिया है। लेकिन इससे भी बड़ी बात गुलशन कुमार ने कही थी। गुलशन कुमार ने अनुराधा पौडवाल से कहा कि वो उन्हें दूसरी लता मंगेशकर बनाएंगे।

इसके बाद उन्होंने उसी दिशा में काम करना शुरू कर दिया। फिर अचानक एक दिन अनुराधा पौडवाल ने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला लिया। उन्होंने सभी को ये कहकर चौंका दिया कि अब वो सिर्फ टी-सिरीज के लिए ही गाने गाएंगी। अनुराधा के इस फैसले से लोगों को लगने लगा कि वाकई गुलशन कुमार और अनुराधा पौडवाल के बीच अफेयर की खबरें झूठीं नहीं हैं।

बेशक गुलशन कुमार की वजह से अनुराधा ने टी-सिरीज के लिए गाने का फैसला लिया हो लेकिन इससे उन्होंने अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार ली थी। क्योंकि इसके बाद टी-सीरीज से बाहर के सभी गाने अल्का याग्निक और बाकी गायिकाओं को मिल गए जबकि अनुराधा ने भजन और आरती गानी शुरु कर दीं।

इसकी वजह से अनुराधा का करियर डूब गया और कई सालों तक उन्होंने किसी फिल्म या म्यूजिक कंपनी के लिए नहीं गाया। गुलशन कुमार की मौत के बाद तो उन्होंने फिल्मी गाने गाना छोड़ ही ‌दिए। फिर वो सिर्फ भजन गाने लगीं। आज भी अनुराधा पौडवाल के भजन खूब सुने जाते हैं।