लोन दिलाने के नाम पर 50 लोगों से 25 लाख रुपये ठगे

उद्योग विभाग से लोन दिलाकर और सब्सिडी का फायदा दिलाने का लालच देकर एक युवक व उसके साथियों ने करीब आधा सैकड़ा लोगों से करीब 25 लाख रुपए की ठगी की है। ठग ने लोन की प्रोसेसिंग फीस के लिए किसी से 50 हजार रुपए तो किसी से 25 हजार रुपए एडवांस लिए थे।

घटना मार्च-अप्रैल 2017 से अभी तक के बीच सुरेश नगर थाटीपुर की है। मंगलवार को ठगी के शिकार युवकों ने एक नए केस में बात करने के लिए बुलाकार आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है।

उपनगर मुरार के मीरा नगर निवासी शैलू सिंह गुर्जर ने बताया कि अप्रैल महीने में उन्हें सुरेश नगर निवासी अरुण कुमार शर्मा पुत्र विनोद शर्मा मिला था। यह उन्हें उनके एक दोस्त प्रदीप गुर्जर और गौरव दीक्षित के माध्यम से मिला था। अरुण ने उसे बताया कि उसकी उद्योग विभाग में अच्छी सेटिंग है। साथ ही कुछ बैंकों में उसके एजेंट हैं। जिस कारण वह उद्योग विभाग से रोजगार के लिए मिलने वाले लोन को आसानी से दिला देता है। साथ ही इस लोन में 30 फीसदी सब्सिडी रहती है।

अरुण ने यह भी लालच दिया कि 10 लाख के लोन पर 2 लाख की सब्सिडी मिल जाएगी। 8 लाख ही भरना पड़ेगा। जिस पर शैलू तैयार हो गया। आरोपी ने लोन राशि का 7 से 10 फीसदी बीच में अधिकारियों का खर्च बताकर कमीशन मांगा। इस पर भी वे तैयार हो गए। मार्च-अप्रैल 2017 में अरुण ने मीरा नगर व त्यागी नगर निवासी प्रदीप, गौरव दीक्षित, मिंटू गुर्जर, टीपू गुर्जर, शैलू, राजेश के पिता सुरेन्द्र गुर्जर, रूपसिंह सहित करीब 15 लोगांे से लोन की फाइल तैयार कराई।

सभी लोगों से एडवांस में 50-50 हजार रुपए लिए गए। लेकिन लिखा पढ़ी कुछ भी नहीं की। विश्वास दिलाने के लिए कुछ फार्म पर जरुर साइन कराए। इसके बाद ये लोग लोन का इंतजार करते रहे। जब भी अरुण से लोन के बारे में पूछते तो वह कह देता था कि अभी विभाग व बैंक मंे कुछ अधिकारियों के ट्रांसफर हो गए हैं। इसलिए समय लग रहा है।

ऐसे पकड़ा शातिर दिमाग युवक

जब कई महीने निकल गए और लोन नहीं मिला तो पीड़ितों ने मुरार सीएसपी रत्नेश सिंह तोमर के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने पीड़ितों को सलाह दी कि आरोपी को एक और लोन केस देने की बात कहकर बुलाओ। मंगलवार को शैलू ने इसी तरह एक लोन केस के बारे में बात करने के लिए अरुण को बुलाया। जैसे ही वह आया तो पुलिस को फोन कर दिया। तभी थाटीपुर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। अभी उससे पूछताछ की जा रही है।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

शैलू और प्रदीप ने बताया कि जब लोन के लिए अरुण चक्कर लगवाने लगा तो उन्हें संदेह हुआ। जिस पर वे उसके घर पहुंचे लेकिन वहां से वह गायब मिला। कुछ देर बैठने पर पता लगा कि वह जिस मकान को अपना बताता था वह किराए का था। करीब 1 घंटे बैठने पर वहां अरुण की तलाश में 20 से 25 लोग आ चुके थे। सभी के लोन उसने कराने का झांसा दिया था।

उसके साथ उसकी टीम में एक लड़की होने का भी पता लगा है। इसके बाद यह लोग उद्योग विभाग पहुंचे वहां से पता लगा कि उनके नाम का कोई केस ही नहीं है। तब मामले की सूचना पुलिस को दी गई। साथ ही आरोपी ने रेलवे में नौकरी लगवाने की बात भी कही थी। जिसके लिए वह 6 लाख रुपए मांग रहा था। लेकिन लोन फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही लोग अलर्ट हो गए।