लो फ्लेार ने ISBT की बजाय चेतक ब्रिज पर ही उतारा, चार साल लड़ाई लड़ी, उपभोक्ता फोरम में 11 पेशियाें के बाद 5550 हर्जाना मिला

भोपाल. यात्री को बीच सफर में छोड़ने पर लो-फ्लोर बस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। यह राशि पीड़ित यात्री को बतौर हर्जाना दी गई। उपभोक्ता फोरम ने एक यात्री की ओर से लगाए गए मामले का निर्णय देते हुए यह फैसला सुनाया। लो-फ्लोर बसों द्वारा यात्रियों को बीच सफर में छोड़ने के मामले ताे अक्सर सामने आते हैं, लेकिन यह पहली बार है जब ऐसा करने वाली लो-फ्लाेर बस पर जुर्माना लगाकर किसी यात्री को हर्जाना दिलाया गया है।
अयोध्या नगर निवासी बीएल जोनवार पेशे से शिक्षक हैं। सात नंवबर 2013 को वे परिवार सहित ग्वालियर से लौट रहे थे। रेलवे स्टेशन से लो-फ्लाेर बस के टीआर-3 रूट की बस में सवार हुए। जोनवार काे आईएसबीटी पर उतरना था, जबकि उनके परिवार को अयोध्या नगर जाना था। न्यू मार्केट, बोर्ड ऑफिस चौराहा होकर आई बस चेतक ब्रिज से सीधे सुभाषनगर जाने के लिए मुड़ गई। जोनवार ने आईएसबीटी जाने की बात कही तो कंडक्टर ने मना करते हुए जोनवार को चेतक ब्रिज पर ही उतार दिया था।
आहत था इसलिए पूरी तैयारी के साथ हक के लिए किया संघर्ष
बीच सफर में छोड़ने से आहत जाेनवार ने इसकी लिखित शिकायत बस संचालक कंपनी से की। लेकिन, कंपनी को ऑफिस बदल जाने के कारण उनकी शिकायत वापस आ गई। तब जोनवार ने इसकी शिकायत माता मंदिर स्थित नगर निगम मुख्यालय में की। इस पर भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो जाेनवार ने उपभाेक्ता फोरम का रुख किया। छह नवंबर 2015 को केस रजिस्टर्ड हुआ। 11 पेशियाें के बाद फैसला जोनवार के पक्ष में आया। बीसीएलएल ने जोनवार काे मय ब्याज के 5550 रुपए चैक के माध्यम से चुकाए।
आरटीआई से जुटाए साक्ष्य: मामले की सुनवाई के दौरान बीसीएलएल ने ऐसी किसी भी घटना के होने से ही इनकार कर दिया था। तब जोनवार ने निगम मुख्यालय में की अपनी शिकायत के संबंध में आरटीआाई से जानकारी मांगी। जबाव में बताया गया कि आवेदन पर कार्रवाई की जा रही है। इसके आधार पर फोरम ने फैसला जोनवार के पक्ष में सुनाया।
आप भी कर सकते हैं शिकायत: सबसे पहले मामले की शिकायत संबंधित कंपनी काे करें। अगर कंपनी कार्रवाई नहीं करती है तो उसकी लिखित शिकायत उपभोक्ता फोरम के 76 अरेरा हिल्स स्थित कार्यालय में कर सकते हैं। आवेदन के साथ 100 रुपए का पोस्टल ऑर्डर साक्ष्याें के साथ नोटरी कराकर देने हाेते हैं।
बात हर्जाने की नहीं, परेशानी की है
लाे-फ्लाेर बस ने बीच रास्ते में उतारा, उसके खिलाफ उपभाेक्ता फोरम में लड़ाई लड़ी। बात हर्जाने की नहीं, बल्कि सफर पूरा नहीं होने से हुई परेशानी की थी। सब लोग अगर आवाज उठाएं ताे इनकी मनमानी पर अंकुश लग जाएगा।
बीएल जोनवार, शिकायतकर्ता यात्री
9752399966 पर करें शिकायत
कंडक्टर आैर ड्राइवरों के इस तरह के व्यवहार करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। अगर कोई बस बीच सफर में छोड़ती है ताे यात्री हमारे कॉल सेंटर नंबर 9752399966 पर शिकायत कर सकते हैं।
केवल मिश्रा, डायरेक्टर, बीसीएलएल