वर्ल्ड अर्थ डे: गूगल ने डूडल बनाकर दिया धरती बचाने का संदेश

नई दिल्ली: हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। 22 अप्रैल 1970 को पहली बार दुनिया में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया था और इस मौके पर लगभग 20 लाख अमेरिकी लोगों ने, एक स्वस्थ, स्थायी पर्यावरण के लक्ष्य के साथ भाग लिया। इस मौके पर गूगल ने डूडल के माध्यम से इस दिन के महत्व को समझाया है। गूगल ने एक वीडियो भी पोस्ट किया है। गूगल के इस वीडियो में डॉ. जेन गुडाल पर्यावरण को बनाए रखने के महत्व के बारे में बात करती हैं। गुडाल जानी-मानी ईथोलॉजिस्ट और यूएन से भेजी गईं शांति दूत हैं। 84 साल की गूडाल चिम्पांजी के लिए दुनिया की सबसे चर्चित विशेषज्ञ मानी जाती है। वह तंजानिया में पाए जाने वाले जंगली चिम्पांजियों के सामाजिक और पारिवारिक बातचीत पर अपने 55 साल के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध हैं।

प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले पृथ्वी दिवस (अर्थ डे) की शुरुआत एक अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी। 1969 में सांता बारबरा, कैलिफोर्निया में तेल रिसाव की भारी बर्बादी को देखने के बाद उन्होंने इसकी शुरूआत की थी। 1970 से 1990 तक यह पूरे विश्व में फैल गया और 1990 से इसे अंतरराष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाया जाने लगा। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे प्रतिवर्ष अरबों लोग मनाते हैं और यह शायद उन कार्यक्रमों में से एक है जिसे सर्वाधिक तौर पर मनाया जाता है।

हम भी दे सकते हैं योगदान
जी हां, पृथ्वी दिवस में एक आम नागरिक भी अपना एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। जिस तरह से आज हर तरह से प्रकृति का दोहन जारी है उससे वैश्विक स्तर पर हमारे भविष्य के लिए चिंता होना स्वाभाविक है। जिस तरह से शहरीकरण बढ रहा है और पेड़ों का अंधाधुंध कटान जारी है उससे ग्लोबल वार्मिंग आज एक वैश्विक संकट बनते जा रहा है।  हम खुद के जरिए भी इसमें योगदान दे सकते हैं। जैसे- वृक्षारोपण कर, प्लास्टिक को ना कह कर, ईंधन से चलने वाले वाहनों का न्यूनतम प्रयोग कर आदि। प्राकृतिक संसाधनों का जिस तरह से दोहन हो रहा है वो खुद हमारे ही भविष्य पर संकट खड़े कर रहा है। इसलिए ध्यान रखिए कि पृथ्वी दिवस को एक ही दिन नही बल्कि  हर रोज मनाने की जरूरत है।