‘विकास से विजय’ नारे के साथ उतरेगी कांग्रेस हिमाचल विस चुनावों में

गुजरात में विकास को पागल बताने वाली कांग्रेस के लिए हिमाचल प्रदेश में इस शब्द के मायने बदल गए हैं। हिमाचल में ‘विकास से विजय’ के नारे और संकल्प के साथ पार्टी चुनावी शंखनाद करने जा रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सात अक्तूबर को मंडी में विकास से विजय रैली से विधानसभा चुनाव का शंखनाद करेंगे।कांग्रेस यहां अपनी सरकार की उपलब्धियों को भुनाने का प्रयास करेगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों के बाद अब राहुल गांधी की रैली ठंड की ओर से बढ़ रहे प्रदेश में चुनावी गर्मी लाएगी।मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत दस विधानसभाएं आती हैं। जिसमें पांच कांग्रेस के पास हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ पिछले दिनों हुई बैठक के बाद हिमाचल में सत्ता और संगठन के बीच खिंचीं तलवारें पूरी तरह से म्यान में चली गई हैं।भाजपा के बड़े नेताओं ने जिस तरह कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई थी। उससे निपटने में पार्टी नेतृत्व को सबसे अधिक दिक्कत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच लंबे समय से चली आ रही अदावत थी। राहुल के कहने के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष एक साथ बैठक कर चुनाव में उतरने को तैयार हुए हैं। वहीं, उम्मीदवारों के चयन में अपनी भूमिका को लेकर नाराज मुख्यमंत्री अब संतुष्ट हैं।राहुल की रैली के बाद कांग्रेस के चुनाव अभियान में तेजी आने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व ने राज्य सरकार की लोकप्रिय योजनाओं, उपलब्धियों और जनहित से जुड़े फैसलों को ब्लाक और जिलों तक पहुंचाने का जिम्मा संगठन को सौंपा है।सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मंडी में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। कांग्रेस ने इस रैली को विकास से विजय की ओर’ नाम दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में बिलासपुर में भाजपा की आभार रैली से अधिक संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शिरकत करेंगे।वह आंकड़ों से दावा नहीं करेंगे। आंकड़ों का दावा करने की रीत भाजपा नेताओं की है। राहुल गांधी की रैली को लेकर सरकार और संगठन दोनों मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि रैली से कांग्रेस पार्टी अपना चुनावी शंखनाद भी करेगी।सीएम वीरभद्र सिंह ने वीरवार को पड्डल मैदान में पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने परिधि गृह मंडी में पहुंच कर संगठन और कैबिनेट मंत्रियों की बैठक ली। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में रैली की तैयारियों पर चर्चा हुई।