वे अमेठी-रायबरेली की चिंता करें: 2019 में बनारस से मोदी के हारने वाले राहुल के बयान पर बोली भाजपा

बेंगलुरु. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में अगर विपक्ष एक साथ आता है तो भाजपा की जीत तो दूर,नरेंद्र मोदी खुद बनारस से चुनाव हार जाएंगे। इस पर भाजपा ने कहा कि राहुल अमेठी और सोनिया रायबरेली की चिंता करें। आज की स्थिति में वे अपनी-अपनी सीट से हार रहे हैं। राहुल रविवार को कर्नाटक के छठवें चुनावी दौरे पर थे। उन्होंने कहा कि हर विपक्षी पार्टी का अपना एजेंडा है, लेकिन भाजपा के खिलाफ सभी दल एक साथ आने को तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कोलार और चिकबल्लापुर जिले में रैली भी कीं। बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को वोटिंग है और 15 मई को नतीजे आएंगे

गलत नीतियों के खिलाफ विपक्ष एक होगा

– राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एक साथ आने की जरूरत है। अगर सपा और बसपा कांग्रेस के साथ आ जाते हैं तो मोदी बनारस से ही नहीं जीत पाएंगे। सभी पार्टियों की निजी और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं हैं, लेकिन मौजूदा सत्ताधारी पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ सभी एक हो जाएंगे। हम फिर सरकार में वापस आएंगे।”

– उन्होंने सवाल पूछने के लहजे में कहा, “उत्तर प्रदेश, बिहार की पार्टियां, तमिलनाडु में डीएमके, प. बंगाल में टीएमसी और एनसीपी सब एक साथ हैं। एेसे में भाजपा कहां से सीटें जीतेगी?”

– राहुल ने कहा, “मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब में हम भाजपा को पीछे छोड़ देंगे। इस बार जैसा विपक्षी एकता आपने कई सालों से नहीं देखी होगी।”

कांग्रेस को लोगों को जोड़ना आता है

– राहुल ने कहा, ” कांग्रेस को पता है कि लोगों को कैसे जोड़ा जाता है। हम घमंडी नहीं हैं, हम लोगों को लड़ाते नहीं हैं, न ही उनकी जिंदगी बर्बाद करते हैं। कर्नाटक विधानसभा चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई है। भाजपा राज्य में नागपुर से चलने वाली सरकार लाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहती है।”

भाजपा ने कहा- कांग्रेस के खिलाफ लोगों में गुस्सा

– भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि राहुल गांधी को मोदी की चिंता नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय उन्हें और सोनिया गांधी को 2019 के चुनावों में अपने भविष्य को लेकर चिंता करनी चाहिए।

– उन्होंने कहा, “मौजूदा हालात में राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी दोनों अपनी-अपनी सीटें अमेठी और रायबरेली हार रहे हैं। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्रों में कुछ नहीं किया है और उनके प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।”

देश में सिर्फ दो लोग गैर-जानवर

– इससे पहले कोलार और चिकबल्लापुर की रैली में राहुल गांधी ने कहा, ”भाजपा के अध्यक्ष और संघ को लगता है कि देश में केवल दो लोग गैर-जानवर हैं। एक नरेंद्र मोदी और दूसरे अमित शाह। बाकी दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और खुद उनकी पार्टी के नेता आडवाणी, जोशी और गडकरी सब बकवास हैं। इससे भाजपा और संघ के विचारों का पता चलता है। अच्छी बात है कि देश और दुनिया को पता चला कि वो उनके लिए क्या सोचते हैं। शाह का यह बयान बेहद लापरवाह और अपमानजनक है।”

शाह ने राहुल पर लगाया था नफरत फैलाने का आरोप

– 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के 38वें स्थापना दिवस के मौके पर अमित शाह ने मुंबई की रैली में विपक्ष की तुलना सांप-नेवला, कुत्ता-बिल्ली से की थी। इसे पहले उन्होंने राहुल गांधी पर झूठ बोलकर नफरत फैलाने का आरोप लगाया था। शाह ने एक वीडियो शेयर किया।

– शाह ने वीडियो के साथ लिखा, “झूठ और सिर्फ झूठ। देखो किस तरह से राहुल गांधी समाज में नफरत फैलाने के लिए एससी-एसटी एक्ट पर झूठी जानकारी दे रहे हैं।”

राहुल 17वीं बार मंदिर गए

– राहुल ने पिछले दो महीनों में रविवार को 17वीं बार मंदिर में पूजा की और चौथी बार दरगाह गए। वे यहां सॉफ्ट हिंदुत्व के साथ बाकी धर्मों पर भी फोकस कर रहे हैं। वे चर्च भी जा रहे हैं। राहुल कर्नाटक के तीसरे दौरे पर मंगलुरू में रोजारियो चर्च गए थे। इसके बाद उन्होंने उल्लल दरगाह पर चादर भी चढ़ाई थी।

कांग्रेस के लिए अहम है कर्नाटक

– कांग्रेस की अब सिर्फ कर्नाटक, पंजाब, मिजोरम और पुड्डुचेरी (केंद्र शासित) में सरकार है। इनमें से कर्नाटक आबादी और क्षेत्रफल दोनों मामलों में सबसे बड़ा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यहां अपनी सरकार बचाना काफी अहम है।

– वहीं, कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर राहुल गांधी कर्नाटक मेें अपनी सरकार बचा लेते हैं तो इसका फायदा उन्हें अन्य राज्यों में भी मिल सकता है।