व्यक्तित्व परीक्षण होगा महापौर पद के दावेदारों का, ज्यादा अंक पाने वाले नेता को मिलेगी ticket

किसी खास जाति के व्यक्ति को महापौर पद का प्रत्याशी बनाने के बजाय पार्टी उस व्यक्ति पर दांव लगाने पर विचार कर रही है जिसकी हर वर्ग में पकड़ हो। सांप्रदायिक और जातीय राजनीति का आरोप न लगा हो और उसकी स्वीकार्यता हर समाज में हो। बुधवार को शहर में हुई भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में इस बात पर जोरदारी से चर्चा हुई। संकेत दिए गए कि महापौर पद के दावेदारों का व्यक्तित्व परीक्षण होगा। मार्किंग में जिसे सबसे अधिक अंक मिलेंगे उस पर दांव खेला जाएगा। प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद छनकर आई बातों से इतना तय है कि पार्टी नेतृत्व के मानक पर खरा उतरने वाले व्यक्ति को ही महापौर का टिकट मिलेगा।व्यक्तित्व परीक्षण के लिए कई कसौटियां तय की गई हैं। मसलन दावेदार का राजनीतिक कॅरियर कितना है? शहर में उसकी छवि और लोगों में उसकी स्वीकार्यता कैसी है? इसी तरह किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को टिकट दिया जाए तो किन कारणों से? आदि बिंदुओं को पड़ताल का हिस्सा बनाने को कहा गया है। जनता का रुख परखने की जिम्मेदारी संघ के कुछ चुनिंदा लोगों को दी जाएगी। इस परीक्षण में आम शहरी से भी पूछा जाएगा कि वह महापौर पद के तौर पर किसकी जीत पक्की मान रहे हैं। दरअसल भाजपा निकाय चुनाव के जरिये वर्ष 2019 का भी चुनाव साधने की तैयारी कर रही है। इस वजह से पार्टी नहीं चाहती कि टिकट न मिलने से कोई नाराज हो। अंकों के आधार पर चयन से पार्टी या नेतृत्व पर पक्षपात का आरोप नहीं लगेगा।पदाधिकारियों के स्टाफ ने भी जुटाई जानकारी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने आए प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा उनके स्टाफ ने भी महापौर पद के दावेदारों की जानकारी जुटाई। मीडिया, स्थानीय नेताओं और शहर के प्रबुद्ध लोगों से उनकी छवि और कार्यशैली के बारे में जानकारी जुटाई। सूत्र बताते हैं कि इस बात की टोह ली जा रही है कि किसके नाम पर ज्यादा सकारात्मक बातें सामने आ रही हैं।