व्यापमं केस: CM शिवराज को क्लीनचिट, दिग्विजय के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

भोपाल.व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला की अब तक हुई सीबीआई जांच में सीएम शिवराज सिंह चौहान को क्लीन चिट मिल गई है। मंगलवार को भोपाल में ही सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। इसमें सीबीआई ने डाटा टेम्परिंग की सीएफएसएल रिपोर्ट भी पेश की। इसमें कहा गया है कि व्यापमं से जब्त हार्ड डिस्क के डाटा में किसी तरह की छेड़खानी नहीं हुई है, बल्कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और व्हिसल ब्लोअर प्रशांत पाण्डे ने जिस पेन ड्राइव के डेटा को असली बताया था, वही फर्जी है। यानी पेन ड्राइव में जो एक्सल शीट बताई गई थी, वह जालसाजी कर तैयार की गई है। सीबीआई जल्द कोर्ट में कर सकती है अपील
– सीबीआई ने यह भी साफ कर दिया है कि वह इस मामले में दिग्विजय सिंह, प्रशांत पाण्डे और डॉ. आनंद राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जल्द ही कोर्ट में अपील करेगी।
– सीबीआई ने सीएफएसएल रिपोर्ट के हवाले से कोर्ट को बताया है कि 15 जुलाई 2013 को आखिरी बार व्यापमं से बरामद हार्ड डिस्क एक्सेस की गई थी। इसके बाद प्रशांत ने पेन ड्राइव में जो एक्सल शीट दिल्ली हाईकोर्ट और सीबीआई को दी, इसमें छेड़खानी कर सीएम का नाम जोड़ा गया था।
– सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि 18 जुलाई 2013 को व्यापमं के प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा के सिस्टम से बरामद हार्डडिस्क में किसी तरह की टेम्परिंग नहीं मिली है। जांच एजेंसी ने यह हार्ड डिस्क और सीलबंद लिफाफे में बंद पेन ड्राइव की सीएफएसएल से जांच कराने के बाद यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है।
कोर्ट में पेश हुए 8आरोपियोंको जमानत पर छोड़ा
– सीबीआई के स्पेशल सेशन जज एससी उपाध्याय की कोर्ट में शाम करीब साढ़े 4 बजे सीबीआई की ओर से 4 हजार पन्नों का चालान पेश हुआ। सीबीआई के पब्लिक प्रोसिक्यूटर संदीप चौधरी ने चालान पेश किया।
– इस दौरान बड़ी तादाद में आरोपी और उनके पैरेंट्स भी पहुंचे थे। कोर्ट के बाहर मजमा लग गया। धीरे-धीरे ये सभी आरोपी चुपचाप कोर्ट से चले गए। जज ने इस बात पर सीबीआई को जमकर लताड़ लगाई।
– जज ने आदेश में लिखा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीआई अपने ऊपर कोई दायित्व लेना नहीं चाहती है। कोर्ट में मौजूद आरोपियों को तो कोर्ट ने जमानत दे दी, लेकिन 88 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी कर दिया।
पंकज त्रिवेदी को नहीं बनाया आरोपी
– प्री कंट्रोल ऑफ एग्जामिनेशन पंकज त्रिवेदी के खिलाफ सीबीआई सबूत जुटाने में नाकाम रही है। चार्जशीट में उनका नाम नहीं है। यह चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि अब तक व्यापमं घोटाले का मुख्य सूत्रधार पंकज को ही माना जाता रहा है।
– आरोप है कि पंकज ने ही गोपनीय समझे जाने वाले स्ट्रांग रूम की चाबी प्रोटोकाल तोड़कर नितिन महिंद्रा को दे दी थी। इसी स्ट्रांग रूम में मनचाहे ढंग से ओएमआर शीट में छेड़खानी कर नंबर बढ़ाए गए।
– सीबीआई ने 490 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। इसमें व्यापमं के प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा, सिस्टम एनालिस्ट अजय सेन और सीके मिश्रा के नाम हैं। इसके अलावा 3 रैकेटियर, 17 मिडिलमैन, 297 साल्वर और 170 अभिभावकों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी।