व्यापमं घोटाले की CBI जांच अब भी बाकी, 100 में से 70 अफसरों का ट्रांसफर

भोपाल.मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं महाघोटाले की जांच कर रही सीबीआई के 20 अफसरों का व्यापमं जोन से तबादला कर दिया गया है। इन सभी अफसरों का सीबीआई की दिल्ली ब्रांच में तबादला किया गया है। सीबीआई द्वारा 2016 में बनाई गई व्यापमं स्पेशल जोन में ज्वाइंट डायरेक्टर, डीआईजी, एएसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर समेत 100 से ज्यादा अफसर तैनात किए गए थे। पिछले छह माह में इन अफसरों में से करीब 70 फीसदी अफसरों को यहां से वापस भेजा दिया गया है।

विपक्ष ने सरकार पर इस घोटाले को दबाने का आरोप लगाया

इस तरह अचानक अफसरों के तबादले किए जाने से विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर इस घोटाले को दबाने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 15 जुलाई 2015 को व्यापमं मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इसके पहले मामले की जांच मध्य प्रदेश एसटीएफ द्वारा की जा रही थी। सीबीआई ने शुरुआत में 40 लोगों की टीम बनाई थी, लेकिन जब 185 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो गईं तो इसके लिए अलग से व्यापमं जोन बनाया गया। भोपाल में प्रोफेसर कॉलोनी में दो बंगलों में सीबीआई व्यापमं जोन के दो दफ्तर थे। यहां बुनियादी सुविधाएं मिलने में हुई देरी के कारण जल्द ही कई अफसर वापस जाने की मांग करने लगे थे। इसके बाद सीबीआई ने अलग-अलग ब्रांच से लोगों को भोपाल भेजा था।

2 हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ करना इतने कम अफसरों के लिए मुमेकिन नहीं

एक अफसर ने बताया कि उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों से अफसरों को लाया गया था। उन्हें यह भी कहा गया कि वे अपने परिवार के साथ भोपाल शिफ्ट हो जाएं और जांच पर ध्यान दें। बावजूद इसके अफसरों ने भोपाल शिफ्ट होने में दिलचस्पी नहीं ली। 10 सितंबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई एक सीबीआई रिपोर्ट में बताया गया कि 107 भ्रष्टाचार के मामलों, व्यापमं से जुड़ी 50 संदिग्ध मौतों की जांच के साथ ही 2 हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ करना इतने कम अफसरों के लिए संभव नहीं है।

सीबीआई का व्यापमं जोन ही बंद कर देना चाहिए
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस ने बड़ी उम्मीद के साथ व्यापमं घोटाले में सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन घोटाले में संलिप्त लोगों को क्लीन चिट देकर मामला खत्म किया जा रहा है। मेरा मानना है कि उन्हें यह जोन ही बंद कर देनी चाहिए।