शासन ने हाई कोर्ट में कहा- सरकारी वकीलों की नियुक्तियां नियम से

इंदौर .सरकारी वकीलों की नियुक्तियों को लेकर याचिका पर सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में जवाब पेश किया। इसमें कहा कि नियुक्तियां सही और नियम के तहत हुई हैं। याचिका में कहा गया है कि नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन है।
– नियम के तहत यह देखना होता है कि कितने वकीलों की जरूरत है। उनकी सूची मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष भेजना थी। फिर चीफ जस्टिस हाई कोर्ट जजों की कमेटी को भेजते।
– कमेटी परीक्षण कर पुन: चीफ जस्टिस को भेजती। फिर विधि विभाग नियुक्ति करता, किंतु सरकार ने सीधे नियुक्ति की। कोर्ट ने शासन के साथ निगम, आईडीए से जवाब मांगा था।
– जस्टिस पीके जायसवाल व जस्टिस वीरेंदरसिंह की डिविजन बेंच में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर में पदस्थ विधि विभाग की अवर सचिव की ओर से शपथ पत्र पर जवाब पेश किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनोहर दलाल उपस्थित हुए।