शिक्षाकर्मी संविलियन पर नया विवाद, राजस्थान पैटर्न अपनाने के लिए टीम भेजेगी सरकार

रायपुर. शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार शिक्षाकर्मियों के लिए राजस्थान पैटर्न लागू करना चाहती है। इसका अध्ययन करने के लिए चार अफसरों की टीम जल्द ही राजस्थान जाएगी। इस बीच सरकार के इस फैसले पर शिक्षक मोर्चा ने हैरानी जताते हुए कहा कि संविलियन शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग है।

मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कहा कि हमें संविलियन से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। उन्होंने बताया कि मोर्चा ने संचालक को 157 पेज का जो दस्तावेज सौंपा था, उसमें राजस्थान मॉडल समेत अन्य राज्यों के आदेशों की प्रतिलिपि भी है। इसमें स्पष्ट है कि वहां शिक्षाकर्मियों को क्या-क्या लाभ दिया जा रहा है।

वहीं, शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रदेश संचालक वीरेंद्र दुबे के मुताबिक आदेश में संविलियन का विषय नहीं होने से शिक्षाकर्मियों में आक्रोश है। डिजिटल इंडिया के जमाने में राज्य का दौरा करना, केवल समय बर्बाद करना है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार की चार सदस्यीय टीम में लोक शिक्षण और पंचायत संचालनालय के संचालक स्तर के अफसरों को शामिल किया गया है। इसमें डीपीआई के उप संचालक केसी काबरा व टीके साहू और पंचायत विभाग में उप संचालक बीएन मिश्रा व सहायक संचालक आरके जैन शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव अजय सिंह के नेतृत्व वाली हाई पावर कमेटी की पिछली बैठक में फैसला लिया गया था कि एक टीम बनाकर को अलग-अलग राज्यों में भेजा जाएगा।