शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा विकास के महत्वपूर्ण मानदण्ड

जनसंपर्क, ऊर्जा तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के मानदण्ड में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष महत्व होता है। अच्छी और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाने और सुपर स्पेशियेलटी हॉस्पिटल बनाने के लिये निजी कम्पनी को आगे आने की जरूरत है। श्री शुक्ल आज सतना में सार्थक हॉस्पिटल के लोर्कापण समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने की।

ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश बीमारू राज्य के कलंक से मुक्त होकर सर्वाधिक प्रगतिशील प्रदेशों की श्रेणी में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में विन्ध्य क्षेत्र की प्रगति काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में हरित क्रांति, औद्योगिक क्रांति और पर्यटन के क्षेत्र में क्रांति होने से आर्थिक तरक्की के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की तरक्की के लिये स्कूल और हॉस्पिटल का बड़ा योगदान होता है। बच्चों की शिक्षा में कोई अभिभावक कोर-कसर नहीं छोडना चाहता। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति अपने परिजनों के बेहतर इलाज के लिये अच्छा और बड़ा अस्पताल खोजता है। श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशियेलटी अस्पताल अब नई दिल्ली और मुम्बई ही नहीं बल्कि सतना जैसे शहर में भी होने चाहिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक बड़े जिले में सुपर स्पेशियेलटी हॉस्पिटल खुले।

विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सम्पन्न यह हॉस्पिटल अपने नाम के अनुरूप मरीजों की सेवा में सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने के लिये मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिये सामूहिक प्रयास की जरूरत है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने मुकुन्दपुर में व्हाइट टाइगर सफारी की स्थापना के लिये मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों की सराहना की।

सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि सार्थक हॉस्पिटल खुलने से क्षेत्र की बड़ी आवश्यकता पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने हर जिले के अस्पताल में डायलिसिस सेन्टर खोलने तथा पूरे देश में लगभग 3000 मेडिकल दुकान आम लोगों को रियायती दर पर महंगी दवाएँ उपलब्ध करवाने के लिये खोलने का निर्णय लिया है। इस मौके पर महापौर श्रीमती ममता पाण्डेय, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री लक्ष्मी यादव, विधायक श्री यादवेन्द्र सिंह एवं श्रीमती उषा चौधरी सहित अनेक जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

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