श्रीलंका को मात देकर जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, आठ साल बाद किया ये कारनामा

पिछले कुछ सालों से क्रिकेट के मैदान पर महज नाम के लिए खेल रही जिंबाब्वे के लिए के लिए श्रीलंका दौरा ऐतिहासिक साबित हुआ। ऑलराउंडर सिकंदर रजा (3/21 और 27* रन) की मदद से जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को पांचवें वनडे में तीन विकेट से हराकर 3-2 से सीरीज जीत ली। ग्यारहवीं रैंकिंग की जिम्बाब्वे टीम की श्रीलंका में पहली बार सीरीज जीती है। यह पिछले साल आठ साल में जिम्बाब्वे की विदेशी धरती पर पहली सीरीज जीत है।
हंबनटोटा में खेले गए सीरीज के आखिरी वनडे में जिंबाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जिंबाब्वे के गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया और 9 ओवर में श्रीलंका के स्कोर को 31/3 तक ला दिया। इसके बाद कप्तान मैथ्यूज ने ओपनर गुनाथिलका के साथ पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन 21वें ओवर में 24 रन बनाकर वो भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद पांचवें विकेट के लिए गुनारत्ने और गुनाथिलका ने पारी संभालने की कोशिश की लेकिन उनकी कोशिश भी नाकाम रही। 59 रन बनाकर गुनारत्ने अंतिम तक श्रीलंकाई टीम का एक छोर थामे रहे। और निर्धारित 50 ओवर में श्रीलंका 8 विकेट पर 203 रन बना सकी।

इसके बाद 204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबाब्वे ने दबावपूर्ण स्थिति में 71 गेंदें शेष रहते टीम जीत हासिल कर ली। जिम्बाब्वे के ओपनर हैमिल्टन मस्काद्जा ने सर्वाधिक 73 रन बनाए। जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 137 से सात विकेट पर 175 रन हो गया। मेहमान टीम ने 38 रन के अंतराल में छह विकेट गंवा दिए थे लेकिन रजा और कप्तान ग्रीम क्रेमर (11*) ने नाबाद 29 रन की अविजित साझेदारी की और इतिहास रच दिया।