संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, हिंदुस्तान का हर व्यक्ति हिंदू

इंदौर.आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जिस तरह जर्मनी में रहने वाला जर्मन, अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी कहलाता है, वैसे ही हिंदुस्तान में रहने वाला हर नागरिक हिंदू है। इसमें किसी का विरोध, आपत्ति या दुश्मनी नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य कभी भी लोकप्रिय और प्रभावी बनना नहीं है, बल्कि समाज को एकजुट करना है।
– भागवत ने ये बातें शुक्रवार को इंदौर में महाविद्यालयीन छात्रों के प्रकटोत्सव शारीरिक कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने विकास को लेकर कहा कि जंगल में घूमने वाले शेर को चिड़ियाघर में मजबूत पिंजरे में ले आना उसका विकास नहीं है। समाज से ही सरकारें बनती हैं। इसलिए समाज की जितनी दौड़ होगी, सरकारें भी उतना ही विकास कर पाएंगी।
डंडे के बूते नहीं आ सकता परिवर्तन
भागवत ने कहा कि कभी भी डंडे के बूते परिवर्तन नहीं हो सकता। भारत को विश्व गुरु बनने के लिए आचरण, विचार और दृष्टि में बदलाव लाना होगा। हम उस दिशा में तेजी से बढ़ भी रहे हैं।
यूरोप से सीखें मिलकर काम करना-
भागवत ने युवाओं काे अपनी हर बात तर्क के साथ समझाई। उन्होंने भगनी निवेदिता का हवाला देते हुए कहा कि हमें यूरोप से सीखना चाहिए कि मिलकर कैसे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में किसी ध्येय की प्राप्ति के लिए विपरीत विचारधारा के लोग भी मिलकर काम करते हैं। पूरी सदी के प्रयास से आती है क्रांति- भागवत ने कहा- क्रांति कुछ माह या साल में नहीं आती, बल्कि यह पूरी सदी के प्रयासों से आती है। सबके विचार और पहचान अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सभी को मिलकर चलना और उत्कर्ष प्राप्त करना ही तो धर्म है।
हिमालय के आगे का पूरा भू-भाग ही हिंदुस्तान-
 भागवत ने कहा कि सिंधु नदी के पार और हिमालय के आगे का पूरा भू-भाग ही हिंदुस्तान है। हिंदुस्तान में युवाओं की भूमिका भी अहम है। संस्कृति और भारतीय परंपरा को आगे ले जाने में युवाओं का अहम रोल है।