सफलता के लिए जरूरी है आत्म विश्वास और आत्म अनुशासन: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि स्काउट्स एवं गाईड्स संगठन से जुड़ने पर छात्र-छात्राओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्हें आत्मविश्वास, आत्म अनुशासन और आत्मनिर्भरता की भी शिक्षा मिलती है, जो प्रत्येक मनुष्य के जीवन में सफलता के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में भारत स्काउट्स एवं गाईड्स संगठन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय जम्बूरी के समापन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।
डॉ. सिंह नेे इस विश्व स्तरीय संगठन के संस्थापक स्वर्गीय श्री बेडेन पावेल को याद करते हुए कहा कि यह दुनिया की एक ऐसी सर्वश्रेष्ठ संस्था है, जो हमारे बच्चों और युवाओं को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य रखने और हिम्मत से काम लेने का हौसला देती है। इस संगठन द्वारा आयोजित जम्बूरी में छात्र-छात्राओं में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों और देश के विभिन्न राज्यों से आए भारत स्काउट्स एण्ड गाईड्स ने आकर्षक एवं लयबद्ध मार्चपास्ट कर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। बच्चों ने राष्ट्रीय एकता पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में यह भारत स्काउट्स एवं गाईड्स की प्रथम जम्बूरी थी, लेकिन इसमें ओडि़शा, तेलांगाना, उत्तरप्रदेश और राजस्थान, झारखण्ड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के प्रतिभागियों के शामिल होने पर इसका स्वरूप राष्ट्रीय स्तर का हो गया। छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों के लगभग 10 हजार 600 स्कूली बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री तथा भारत स्काउट्स एवं गाईड्स संगठन के छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष श्री केदार कश्यप, वन और विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री महेश गागड़ा, जगदलपुर के विधायक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री संतोष बाफना, नागरिक आपूर्ति निगम की अध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबीता मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा आम नागरिक समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस जम्बूरी में हमारे युवाओं को एक-दूसरे के इलाकों और एक-दूसरे के राज्यों की भाषाओं और बोलियों का परिचय मिलता है। वे एक-दूसरे की सांस्कृतिक विशेषताओं से भी परिचित होते हैं। इस जम्बूरी ने हमारे बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने का सार्थक प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने जम्बूरी के सफल आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कश्यप सहित भारत स्काउट्स एवं गाईड्स संगठन के सभी पदाधिकारियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने आयोजन में शामिल छात्र-छात्राओं द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप जगदलपुर शहर में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जम्बूरी में शामिल विद्यार्थी यहां से मधुर स्मृति लेकर जाएंगे और जम्बूरी में बिताए पलों को आजीवन याद रखेंगे। अध्यक्षीय आसंदी से समारोह में कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जम्बूरी के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की विशेषताओं से परिचित होने और राष्ट्रीय एकता के बंधन में बंधने का अवसर मिला है। श्री अग्रवाल ने भी सफल आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप सहित सभी सहयोगियों को बधाई दी।
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस जम्बूरी के माध्यम से बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दिखाने का अच्छा अवसर मिला है। उन्होंने जम्बूरी की सफलता के लिए श्री केदार कश्यप सहित भारत स्काउट्स एण्ड गाईड्स के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और स्काउट्स एण्ड गाईड्स के युवाओं और जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जम्बूरी ने युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने और एकता के सूत्र में बाधने का कार्य किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि भारत स्काउट्स एण्ड गाईड्स संगठन सेवा, अनुशासन और साहस के साथ-साथ देशभक्ति का जज्बा बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत कल सात जनवरी को जम्बूरी के 10 हजार 600 बच्चों ने जगदलपुर शहर में स्वच्छता का बीड़ा उठाया। उन्होंने इसके लिए सभी युवाओं के साथ-साथ इस कार्य में उनका साथ देने वाले जगदलपुर के सभी धर्मों और समाजों तथा भारत रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया।
समापन समारोह में भारत स्काउट्स एण्ड गाईड्स के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, स्वामी विवेकानंद आश्रम नारायणपुर और विद्या ज्योति स्कूल जगदलपुर के बच्चों ने आकर्षक संगीत बैण्ड का प्रस्तुतिकरण दिया। इन बच्चों ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, राऊत नाचा, फागुन मेला, महात्मा गांधी, गुण्डाधूर और बिरसामुण्डा की प्रतिकृति, बस्तर के ग्राम देवी-देवता का जुलूस, सुआ नृत्य, गेड़ी नृत्य, सैला नृत्य, बाईसन हार्न नृत्य, विभिन्न पारम्परिक खेल, गिल्ली डण्डा, फुगड़ी, बिल्लस, लंगडी दौड़ आदि का प्रदर्शन किया। रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के बच्चों ने इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद की वेषभूषा भी ग्रहण किया और उनके आदर्शों को भी अभिव्यक्त किया।

 

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