सबसे बड़ी मेट्रो लाइन के निर्माण में आ रही है अर्चने

मेट्रो फेज तीन में बन रही अब तक की सबसे लंबी 58.59 किलोमीटर की लाइन पर सफर करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इसकी वजह लाइन के रास्ते में आ रहे 108 मकान हैं। घरों को शिफ्ट करने के प्रयास जारी हैं। लंबे समय से चल रही कोशिश के बाद भी अब तक डीएमआरसी महज 66 घरों के लिए जमीन तलाश पाई है। 42 अन्य घरों के लिए डीडीए से बातचीत चल रही है।
मेट्रो का यह प्रोजेक्ट एक साल देरी से चल रहा है। घरों के लिए जमीन की तलाश पूरी न होने से मेट्रो ने पूरी लाइन खोलने के बजाय इसे चरणबद्ध तरीके से खोलने की योजना पर काम कर रही है। इस पूरी लाइन को 3-4 चरणों में खोला जाएगा। 1.52 किलोमीटर का आखिरी चरण, जहां जमीन नहीं मिल रही है, कब तक खुलेगा, इसकी कोई डेडलाइन नहीं है।

इसके चलते लाइन के बीच में दो स्टेशन त्रिलोकपुरी और मयूर विहार पॉकेट वन चालू नहीं हो पाएंगे। मेट्रो पहले 17.67 किलोमीटर सेक्शन मजलिस पार्क से साउथ कैंपस (दुर्गाबाई देशमुख) तक खोलेगी। मेट्रो का दावा है कि ट्रायल चल रहा है।

इस सेक्शन को दिसंबर 2017 तक खोलने की समय सीमा है, लेकिन यह जनवरी 2018 से पहले खुलने की उम्मीद कम है। इसी तरह मेट्रो दूसरा सेक्शन उत्तर पूर्व जिले में शिव विहार से विनोद नगर पूर्व तक खोलेगी। इसका ट्रायल दिसंबर तक शुरू होगा। इसे मार्च 2018 तक खोलने का लक्ष्य है। इसी के साथ करीब 21 किलोमीटर की लाइन (साउथ कैंपस से मयूर विहार फेज वन) का ट्रायल भी शुरू होगा।