सरकारी मदद वाले प्रोजेक्टों की टेंडर शर्तों पर जियो को आपत्ति

नई दिल्ली। सरकारी वित्तीय मदद पाने वाले मोबाइल सर्विस प्रोजेक्टों में 2जी तकनीक के इस्तेमाल के नियम पर रिलायंस जियो ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है।

उसका कहना है कि इससे सरकारी खजाने को करीब 5000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। सूत्रों के अनुसार रिलायंस जियो ने यूनीवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के प्रशासक संजय सिंह को एक पत्र लिखकर यह नियम खत्म करने की मांग की है।

कंपनी पत्र की प्रति दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन को भी भेजी है। पत्र के अनुसार अंडमान एंड निकोबार के लिए जारी टेंडर में वॉइस सर्विस के लिए 2जी तकनीक के इस्तेमाल की शर्त भेदभावपूर्ण, रोकटोक वाली और अनुचित है।

दूरसंचार विभाग ने जून के पहले हफ्ते में अंडमान व निकोबार द्वीपों में 214 मोबाइल टावर लगाने के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं ताकि क्षेत्र के हाईवे और गांवों में 2जी व 4जी सेवाएं दी जा सकें।

इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा यूएसओएफ से खर्च किया जाएगा। जल्दी ही दूसरे क्षेत्रों के लिए भी ऐसे ही टेंडर आमंत्रित होंगे।

जियो का कहना है कि सिर्फ 2जी तकनीक की शर्त से स्थापित कंपनियां पुराने नेटवर्क वहां लगाएंगी क्योंकि उन्हें महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना नेटवर्क अपग्रेड करना है।