सरकारी स्कूलों के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों का हुआ अभिरुचि परीक्षण

मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा-10 के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों और अपने कॅरियर के विकल्पों की जानकारी देने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी को 3 लाख 10 हजार विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण (इंटरेस्ट टेस्ट) लिया है। अभिरुचि परीक्षण 8 हजार 152 सरकारी स्कूलों में हुआ। परीक्षण टेस्ट में 72 हजार 747 मोबाइल सेट्स का उपयोग किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने एम.पी. कॅरियर मित्र एप पर एक-एक करके 140 प्रश्नों के संबंध में अपनी पसंद-नापसंद को जाहिर किया है।

  •  3 लाख से अधिक विद्यार्थियों का हुआ अभिरुचि परीक्षण।

  •  परीक्षण टेस्ट में 72 हजार से अधिक मोबाइल सेट्स का हुआ उपयोग।

  •  जून माह में होगी स्कूल स्तर पर काउंसिलिंग।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को उनकी अभिरुचि के अनुसार विषय चयन के लिये प्रति वर्ष एक लाख विद्यार्थियों के एप्टीट्यूट टेस्ट और कॅरियर काउंसिलिंग करवाने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग को दिये थे। एप्टीट्यूट टेस्ट के आधार पर विद्यार्थियों की पसंद के आधार पर उनके भविष्य का रोडमेप एम.पी. कॅरियर मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित होगा। एम.पी. कॅरियर मित्र पोर्टल में छात्र अपनी समग्री आई.डी. से अपनी रुचियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देख पायेंगे। एम.पी. कॅरियर मित्र पोर्टल छात्रों को विषयों का चयन करने में मदद करेगा। पोर्टल में छात्रों को रुचि के अनुसार शिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी भी प्राप्त होगी। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम तीन चरणों में संचालित हो रहा है।

अभिरुचि परीक्षण का परिणाम 2 अप्रैल को घोषित होगा। इस वर्ष जून माह में प्रत्येक विद्यार्थी एवं पालक की काउंसिलिंग की व्यवस्था सभी सरकारी स्कूलों में की जायेगी। इसके लिये श्यामची आई फाउण्डेशन, पुणे के साथ एमओयू किया गया है। फाउण्डेशन यह कार्य नि:शुल्क रूप से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फण्ड का उपयोग करते हुए करेगा।