सशस्त्र सेना झंडा दिवस आज, सनाओ को मिलेगा सम्मान |

नई दिल्ली: आज का दिन भारतीय सेना के लिए एक अहम दिन है। इस दिन को पूरा देश आर्म्ड फोर्सेज डे यानी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के जरिए उन्हें याद करता है। इसकी शुरुआत 1949 में हुई थी और इसका मकसद सेनाओं को उनका सही सम्मान देना था।
ऐसे हुई थी शुरुआत:

– वर्ष 1947 को मिली आजादी के बाद सरकार के सामने सैनिकों के रखरखाव के लिए जरूरी पैसे की कमी सामने आई।

– नागरिकों में सैनिकों के परिवारों के देखभाल की जिम्मेदारी की भावना को पैदा करना इस दिवस के गठन का अहम मकसद था।

– 28 अगस्त 1949 को रक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई।
देश में केंद्रीय सैनिक बोर्ड के तहत इस फंड को एकत्र किया जाता है और इसकी देखरेख होती है।

– केंद्रीय सैनिक बोर्ड भी रक्षा मंत्रालय का ही हिस्सा है।
इसमें आम आदमी भी सैनिक परिवारों की मदद के लिए अपनी स्वइच्छा से दान कर सकता हे|