सातवीं कक्षा के छात्र ने ट्रेन से कटकर जान दी

कक्षा सातवी में अध्ययनरत छात्र कोमेंद्र कुमार चौरे (13) पिता पवन कुमार चौरे ग्राम पिडिंगपार मोहला वासी ने सुवरबोड के समीप पैसेंजर ट्रेन के सामने लेटकर अपनी जान दे दी। कोमेंद्र कुमार का सिर व एक हाथ कट कर अलग हो गया।

कारण अज्ञात है। अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चों द्वारा कोमेंद्र के बीड़ी पीने व तंबाकू खाने की शिकायत के बाद शिक्षकों द्वारा कोमेंद्र को तंबाकू नहीं खाने समझाने के बाद वह यह कदम उठाया है।

घटनास्थल कुसुमकसा रेलवे स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर बालोद की ओर है। बालोद थाना के उपनिरीक्षक मुरारी लाल साहू ने बताया कि मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया है। इस दरम्यान राजहरा थाना के कुलेश्वर यादव,आर पीएफ थाना दुर्ग के सहायक उपनिरीक्षक पीके साहू उपस्थित थे।

परिजनों के मुताबिक गुरुवार लगभग 5 बजे कोमेंद्र घर से बिना बताए कहीं चला गया था। शाम होने के बाद भी उसके घर ना आने पर ग्राम में उसके सहपाठियों व ग्रामीणों से पूछताछ की किन्तु पता नहीं चल पा रहा था। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन कुसुमकसा जाकर पतासाजी की गई तो स्टेशन मास्टर ने बताया कि दल्लीराजहरा से दुर्ग जाने वाली पैसेंजर ट्रेन से एक बालक सुवरबोड के समीप कट गया है। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।

घटनास्थल पर जाकर देखने पर उसे कोमेंद्र कुमार के रूप में शिनाख्त की गई। कोमेंद्र कुमार के नाना श्यामलाल जगनायक ने बताया कि कोमेंद्र शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुसुमकसा में सातवी में पढाई कर रहा था। शाला में बच्चों के द्वारा कोमेंद्र के ऊपर बीड़ी पीने व तम्बाकू खाने की शिक्षक से शिकायत की गई थी।

शिक्षक द्वारा बच्चों को शरारत ना करने की समझाइश दी थी। उस बात को लेकर कोमेंद्र दुखी रहा होगा। इसके अलावा उसके मोहल्ले के बच्चों के द्वारा अपने पालकों को कोमेंद्र के खिलाफ शिकायत की गई थी। कुछ बच्चों के पालक घर आकर कोमेंद्र के नाना को इसकी शिकायत की थी।

कोमेंद्र कुमार के दादा रामभरोसा चौरे ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए व दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग शासन से की है।