सीडी फर्जी होने की बात आते ही कांग्रेस में खामोशी, पुनिया कल तय करेंगे पार्टी लाइन

रायपुर। मंत्री की कथित सीडी के फर्जी साबित होने के दावों के साथ ही कांग्रेस की राजनीति दो दिन बाद ही अचानक शांत हो गई। सीडी के फर्जी होने और साजिश के अंदेशे से कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मामले से अपने आपको अब तक दूर रखा है। अंतागढ़ टेप कांड के अगले ही दिन से मुखर रहे दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में भी तीन दिन से इस सीडी को लेकर कोई हलचल नहीं है। 1 नवंबर को रायपुर आ रहे प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया पार्टी की रणनीति तय करेंगे।
– दिल्ली गए भूपेश खुद आलाकमान से इस मामले में कोई संकेत लिए बिना ही वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से सलाह करके लौट आए हैं। माना जा रहा है कि भूपेश समर्थकों ने इसका अंदाजा लगा लिया है और अब हर कदम फूंक-फूंककर रखा जाने लगा है।
– प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने छत्तीसगढ़ के इस बड़े मामले के बावजूद अब तक रुख स्पष्ट नहीं किया है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और आलाकमान के सबसे करीबी मोतीलाल वोरा भी खामोश हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की राजनीति पर उनकी टिप्पणियां आती रहती हैं।
– सूत्रों के अनुसार यही कारण था कि रविवार को सीएम हाउस के घेराव जैसे कार्यक्रम से भी प्रमुख नेताओं ने दूरी बना ली थी, जबकि इसका नेतृत्व स्वयं पीसीसी चीफ बघेल कर रहे थे। इसमें पार्टी की 20 सदस्यीय समन्वय समिति के भी नेता नजर नहीं आए। जबकि पीसीसी कार्यालय से सबको फोन गया था। इस प्रदर्शन में विधायक सत्यनारायण शर्मा, गुरुमुख सिंह होरा ही आए। इनमें गांधी मैदान की भीड़ में भी चिरपरिचित चेहरे भी नहीं दिखे।
– चरणदास महंत को छोड़ इस मामले में किसी का बयान भी सामने नहीं आया है। सीडी कांड का खुलासा शुक्रवार को हुआ था। उस दिन पीसीसी चीफ के इर्द-गिर्द काफी भीड़ थी। लेकिन शनिवार को जैसे ही 13 मिनट का वीडियो आया और पहले सीडी के फर्जी होने की आशंकाएं गहराने लगीं, भीड़ भी छंटती चली गई है। छोटे से लेकर बड़े नेताओं की सीडी कांड में राजनीति जांच में सामने रहे नए तथ्यों की वजह से सिमटती जा रही है।
सीडी की राजनीति से खफा सिंहदेव बोले- आईटी का इस तरह प्रयोग अनुचित
– सीडी कांड में पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के खिलाफ केस दर्ज होने तथा पुलिस जांच के बीच नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा- किसी भी तरह से दुष्प्रचार के लिए आईटी साधनों का उपयोग करना उचित नहीं है। हालांकि सीडी की आड़ में भाजपा और उसकी सरकार भी कुछ जस्टीफाय करने की कोशिश कर रही है। सिंहदेव ने कहा कि बहुत दिनों से इस तरह का प्रचार-दुष्प्रचार चल रहा था। इसे सार्वजनिक करने की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
– नेता प्रतिपक्ष सिंहदेव अभी हिमाचल प्रदेश चुनाव में अपनी बहन के पक्ष में प्रचार में व्यस्त हैं। इस कांड के तीसरे दिन, सोमवार को भास्कर से बातचीत में सिंहदेव ने यह भी कहा कि सरकार अपने तथ्यों को जस्टीफाय करने की कोशिश कर रही है। यह भी अनुचित है, ऐसा नहीं होना चाहिए। भूपेश को येन-केन तरीके से फंसाकर बदनाम करने की साजिश की जा रही है। भाजपा दबाव का राजनीति कर कहीं न कहीं मामले को उलझाने का प्रयास भी कर रही है।
– सिंहदेव ने कहा कि इंदिरा बैंक से लेकर सालभर पुराने अंतगाढ़ टेप कांड में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, नान घोटाले की वाइस सीडी पर भी कुछ नहीं किया? जब विपक्ष से ये मुद्दे उठाए जाते हैं तो दबाव बनाया जाता है। पत्रकार वर्मा की गिरफ्तारी पर सिंहदेव ने कहा कि उसे बचाव का मौका नहीं दिया गया।
प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का कल से छत्तीसगढ़ दौरा
– सीडी कांड को लेकर प्रदेश में मचे घमासान के बीच सीएम हाउस घेराव से नदारद रहे पार्टी के बड़े नेताओं की नामजद रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई है। इस मामले में अब तक खामोश प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के बारे में कहा जा रहा है कि वे 1 तारीख से प्रदेश दौरे पर आएंगे और यहां के नेताओं से बातचीत के बाद ही इस मामले में कुछ तय करेंगे।
– पुनिया 2 नवंबर से 4 नवंबर के बीच पुनिया मुंगेली, बेमेतरा और कवर्धा जिलों के कार्यकर्ताओं को से मुलाकात करने के साथ ही दो जन सभाओं को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश प्रभारी सचिव कमलेश्वर पटेल व अरूण उरांव तथा प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल भी उनके साथ रहेंगे।