सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला: 4 साल बाद चार्जशीट दायर, पति शशि थरूर को आरोपी बनाया

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में सुनंदा मर्डर केस की चार्जशीट दायर की। इसमें उनके पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को भी आरोपी बनाया गया है। सुनंदा दिल्ली के एक लग्जरी होटल में जनवरी, 2014 को मृत पाई गई थीं।

चार्जशीट में दो धाराओं का जिक्र
– पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह की अदालत में चार्जशीट दायर की।
– इसमें आईपीसी की धारा 498ए (महिला पर क्रूरता के लिए पति या उसका कोई संबंधी जिम्मेदार) और धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) को शामिल किया गया है।

बीजेपी सांसद का कांग्रेस पर आरोप
– बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “सुनंदा मामले से जुड़े सारे सबूत और दस्तावेज यूपीए सरकार और भ्रष्ट पुलिस ने मिटा दिए। मौजूदा सबूतों के आधार पर क्या हासिल हो पाएगा? ट्रायल के दौरान और सूचनाएं आएंगी। ये भी आरोप है कि शशि थरूर ने अपनी पत्नी को खुदकुशी के लिए मजबूर किया।”

सीक्रेट रिपोर्ट में क्या हुआ था खुलासा?
– मार्च 2018 में आई सीक्रेट रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को पहले दिन से पता था कि उनकी हत्या हुई है। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर बी. एस जायसवाल ने जो पहली रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें साफ तौर पर जिक्र था कि वसंत विहार के एसडीएम आलोक शर्मा ने निरीक्षण के बाद कहा था कि यह सुसाइड नहीं है।
– इस आधार पर सरोजिनी नगर के एसएचओ को इस मामले की जांच हत्या के तौर पर भी करने को कहा था।
– ‘ऑटोप्सी रिपोर्ट’को देखते हुए कहा गया था कि मौत की वजह शरीर में जहरीला पदार्थ पहुंचना है।
– शरीर पर मौजूद कुछ जख्म को देखते हुए भी लगता है कि मारपीट या फिर किसी से जद्दोजहद के दौरान लगने वाले चोट का संकेत दे रहे हैं। रिपोर्ट में इंजेक्शन के निशान को भी ताजा बताया गया था।

कब हुआ था सुनंदा का मर्डर?
– 17 जनवरी 2014 की रात साउथ दिल्ली की लीला होटल में संदिग्ध हालात में सुनंदा पुष्कर की मौत हो गई थी। उनकी बॉडी होटल के एक कमरे में बेड पर पड़ी मिली थी। दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और एक साल बाद मर्डर केस दर्ज किया।
– एम्स की विसरा रिपोर्ट के मुताबिक, सुनंदा की बॉडी में किसी तरह का जहर नहीं मिला था। पुलिस इस मामले में कांग्रेस नेता थरूर से भी लंबी पूछताछ कर चुकी है।
– सुनंदा की मौत को संदिग्ध मानते हुए दिल्ली पुलिस ने 6 जनवरी, 2015 में हत्या का मामला दर्ज किया था।
– दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा था कि 29 दिसम्बर, 2014 को आई मेडिकल रिपोर्ट के बाद यह मामला दर्ज किया गया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि सुनंदा की मौत स्वाभाविक नहीं थी।