IT सेक्टर में पिछले साल से 50 लाख कम नई नौकरियां, आगे भी घटेंगी

घरेलू सॉफ्टवेयर सर्विसेज उद्योग में इस साल केवल 2.50 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी, जबकि पिछले साल इस सेक्टर में तकरीबन 3 लाख नए टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को नौकरी मिली थी। वजह यह है कि आईटी सेक्टर की घरेलू कंपनियां अब एंट्री-लेवल पर मशीनों से काम लेना ज्यादा पसंद कर रही हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि सॉफ्टवेयर कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था नैस्कॉम ने इस उद्योग में 7-9 फीसदी वृद्घि दर का अनुमान लगाया है, लेकिन कम नई नौकरियां पैदा होना इस बात का संकेत है कि घरेलू सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।

नैस्कॉम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस साल हम 2.50 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे।”हर साल घटेंगी नई नौकरियांहालांकि इंजीनियरिंग कॉलेजों के कैंपस से पिछले साल के समान ही करीब 1.20 लाख छात्रों को नौकरी का ऑफर मिलेगा, लेकिन इस मामले में भी रुझान नकारात्मक ही रहेगा।

कुल मिलाकर इस बात की भारी आशंका है कि अगले 2 से लेकर 8 वर्षों तक घरेलू सॉफ्टवेयर सेक्टर में नई नौकरियों की तादाद घटती चली जाएगी। इसके साथ ही इस बात की भी संभावना है कि बड़ी कंपनियों में लंबे समय तक नौकरी पर बने रहने वाले कर्मचारियों की तादाद (रिटेंशन रेट) ज्यादा रहेगी और यह जॉब मार्केट में स्थिरता की एक बड़ी वजह साबित होगी।

मसलन, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस में फिलहाल रिटेंशन रेट 90 फीसदी है, जो एक साल पहले 86 फीसदी था।

नए बिजनेस मॉडल का नतीजा

रिपोर्ट में ई-लर्निंग स्टार्टअप 361डिग्रीमाइंड्स के रणनीति प्रमुख के. रामचंद्रन के हवाले से कहा गया है, “आय में बढ़ोतरी और कर्मचारियों की तादाद में स्पष्ट संबंध रहा है। भारतीय टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडस्ट्री में अब तक यही स्थिति देखी गई है। लेकिन, अब इसमें बदलाव आ रहा है। यह केवल विघटनकारी टेक्नोलॉजी का नतीजा नहीं है, बल्कि उभरते हुए नए बिजनेस मॉडल की भी इसमें बड़ी भूमिका रही है, जो दक्षता की जगह प्रभावशीलता पर ज्यादा जोर देता है।”

कैंपस भर्तियों का सीजन शुरू

बहरहाल, थोड़ी सतर्कता के साथ कैंपस भर्तियों का सीजन शुरू हो गया है। टीसीएस का कहना है कि वह इस साल भी करीब-करीब उतने ही छात्रों को नौकरी पर रखेगी, जितनी भर्तियां पिछले साल की गई थी। कंपनी ने पिछले साल 20 हजार फ्रेशर्स को नौकरी पर रखा था। इस इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया कि इस साल भी आईटी सेक्टर में पिछले वर्ष के समान ही 1-1.2 लाख फ्रेशर्स को नौकरी मिल सकती है।

10 फीसदी तक घटेंगे जॉब

एचआर फर्म केली सर्विसेज को लगता है कि इस साल टेक्नोलॉजी सेक्टर में 7-10 फीसदी कम नई नौकरियां मिलेंगी। लेकिन, दिक्कत यहीं खत्म नहीं होती। दरअसल, साल दर साल नौकरियां घटने की आशंका है, जो खतरे की घंटी है।