हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- किस अधिकार से वाहनों की चैकिंग का काम MPRDC को दिया

जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि किस अधिकार से प्रदेश में वाहनों के परमिट, बीमा, फिटनेस और ओवरलोडिंग की जांच का काम मप्र सड़क विकास निगम को दिया है। एक जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
एक माह पूर्व कोर्ट ने परिवहन विभाग के सचिव और परिवहन आयुक्त को नोटिस जारी किए थे। मामले पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया। रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने याचिका दायर कर बताया कि 19 सितंबर को सरकार ने एक परिपत्र जारी कर प्रदेश के सभी मेन्युअल चैकपोस्ट बंद कर दिए। इसके अलावा कम्प्यूटराइज्ड चैकपोस्ट पर चैकिंग का काम परिवहन विभाग के अधिकारियों से लेकर एमपीआरडीसी को दे दिया। याचिका में कहा गया कि ऐसा करना मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 130/3 का उल्लंघन है।