हिंगोट युद्ध में युवक की मौत का मामला : शासन को हाईकोर्ट का नोटिस, छह सप्ताह में मांगा जवाब

इंदौर। शहर से लगे गौतमपुरा में दिवाली के दूसरे दिन परंपरागत हिंगोट युद्ध में एक दर्शक की मौत होने के मामले हाई कोर्ट ने राज्य शासन को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब देने के आदेश दिए। कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई करते इसी साल तमिलनाड़ु के जल्लीकट्टू खेल को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रकाश में संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किए। जनहित याचिका में गुहार की गई है कि जिस तरह कानून बना कर सती प्रथा जैसी घातक और जानलेवा प्रथाएं बंद की जाए।
– बुधवार को न्यायमूर्ति पी.के. जायसवाल एवं न्यायमूर्ति विरेंदर सिंह की युगलपीठ में हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट प्रतीक माहेश्वरी ने अदालत को बताया कि हिंगोट युद्ध में हर साल दर्शक व अन्य लोग जख्मी होते हैं किंतु इस बात तो दर्शक दीर्घा में बैठे व्यक्ति की मौत हो गई और 38 लोग घायल हो गए। यह प्रथा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों का उल्लंघन है। शासन की ओर से तर्क रखे गए कि हिंगोट युद्ध को लेकर पूर्व में  लगी याचिका निराकृत हो चुकी है। इसलिए इस याचिका की सुनवाई नहीं की जाए।
– एडवोकेट माहेश्वरी ने कोर्ट को पुरानी याचिका का आर्डर बताते हुए कहा कि पुरानी याचिका डिसाइड नहीं हुई बल्कि वापस ली गई थी। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस बार तो मौत हो गई। याचिका में कानून बना कर सती प्रथा, बाल विवाह बंद करने का हवाला देने के साथ ही माहेश्वरी ने तमिलनाडु के जल्ली कट्टु खेल को भी बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2017 का आर्डर कोर्ट को बताया। अदालत ने जली कट्टु के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रकाश में याचिका में पक्षकार बनाए गए राज्य शासन, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, कलेक्टर इंदौर, एसडीएम व थाना प्रभारी गौतमपुरा को शोकॉज नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब देने के आदेश दिए।
– जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एसपी नामदेव की ओर से एडवोकेट माहेश्वरी ने दायर की है। उसमें कहा गया कि हाल ही हुए हिंगोट युद्ध में दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक किशोर पर बाण लगने से उसकी मौत हो गई और 38 लोग घायल हो गए। उस वक्त प्रशासन की तरफ से सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। याचिका में आयोजकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने, मृतक के परिजन को 50 लाख रुपए और घायलों के परिजनों को क्षतिपूर्ति देने की  मांग की गई है।