हेड कांस्टेबल को धमकाने का वीडियो वायरल, मामला दबाने में जुटी पुलिस

बिलासपुर।पुलिस ने निगम सभापति अशोक विधानी के समर्थक को हेड कांस्टेबल से मारपीट के मामले में क्लीन चिट दे दी। इसका वीडियो भी वायरल हो गया है। इसमें वह साफतौर पर तोरवा के प्रधान आरक्षक को धमकाते और गाली-गलौज करते दिख रहे हैं।
– वीडियो वायरल होने के बाद टीआई व पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। इसलिए पूरे मामले में सवाल उठने लगा है। हेमूनगर के युवकों ने तोरवा थाने के भीतर हेड कांस्टेबल लव सिंह ध्रुव से झूमाझटकी व मारपीट की थी। इस मामले में दो दिनों तक निगम सभापति अशोक विधानी ने थाने में बवाल मचाया।
– शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी जीवत रोहरा को गिरफ्तार किया था उसे सभापति थाने से छुड़ाकर साथ ले गए। जब फजीहत हुई तो दबाव में आकर पुलिस ने आरोपी को बेगुनाह बता दिया। जीवत कुमार रोहरा ने थाने में घुसकर हेड कांस्टेबल से गाली गलौज की थी और धमकाया भी था।
– शनिवार को वीडियो वायरल हुआ। इसमें जीवत लव सिंह ध्रुव को धमकाते व गालियां देते नजर आ रहा हैं। साथी उन्हें थाने से ले जाने की कोशिश में लगे हैं और थाने का एक स्टाफ जीवत रोहरा को वहां से जाने के लिए निवेदन करता नजर आ रहा है। बाकी स्टाफ मूकदर्शक बना है।
अपने लोगों को गलत ठहराने में लगी पुलिस
– हेड कांस्टेबल से मारपीट के मामले में निगम सभापति की गुंडागर्दी के बाद पुलिस अब बैकफुट पर आ गई है। वह आरोपियों को गिरफ्तार करने नहीं गई। पुलिस अधिकारी अब अपने ही स्टाफ को गलत ठहराने की कोशिश में जुट गए हैं।
आईजी बोले- मैं पूरा मामला देखता हूं..
आईजी पुरुषोत्तम गौतम ने कहा है कि थाने में घुसकर पुलिस से मारपीट करना गंभीर बात है। ऐसा हुआ है तो गलत है। मैं इस मामले को गंभीरता से देखूंगा।
टीआई ने केस खत्म करने बनाया दबाव
– पीड़ित लव ध्रुव ने बताया कि घटना के दूसरे दिन वे विवेचक कक्ष में स्टाफ के साथ बैठकर काम कर रहे थे। सभापति अशोक विधानी अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे और टीआई कक्ष में बैठ गए। कुछ समय बाद टीआई ने उन्हें बुलवाया। वे टीआई के कक्ष में गए।
– अशोक विधानी वहां पर बैठे हुए थे। मारपीट करने वाला आरोपी भी था। विधानी व टीआई मिलकर उनसे केस वापस लेने की बात कह रहे थे। दोनों कह रहे थे कि मामला यहीं से निपट जाए तो अच्छा है। प्रधान आरक्षक के मुताबिक उनपर केस खत्म करने दबाव बनाया जा रहा था।