1 फीट ऊंचा झंडा लेकर बच्चों को लांघते हुए सेवकों ने निकाला जुलूस

सोलापुर. महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थानीय देवता शिवयोगी सिद्धरामेश्वर की चार दिवसीय यात्रा रविवार से शुरू हो गई है। यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को शहर में नंदीध्वज जूलूस निकाला गया। इस दौरान सेवक 21 फीट ऊंचा झंडा लेकर सड़क पर सुलाए गए बच्चों को लांघकर मंंदिर पहुंचे। यात्रा के दौरान सेवक शहर में करीब 10 किमी पैदल चलकर मंदिर पहुंचते हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह परंपरा काफी दिनों से चली आ रही है। जुलूस के दौरान सेवक नंदीध्वज लेकर नीचे नहीं देखते हुए बच्चों को लांघते हैं। लोगों का मानना है कि इस परंपरा से बच्चों को किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। साथ ही बच्चों की उम्र भी बढ़ती है। सेवकों ने बताया कि यात्रा के दूसरे दिन अक्षत समारोह का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान सिद्धरामेश्वर की प्रतीकात्मक शादी होती है। मंदिर में सामंती कट्टा नाम की जगह पर अक्षत समारोह धूमधाम से मनाया जाता है।