10 हजार महिलाओं ने 11 मिनट सुआ नृत्य कर बनाया रिकॉर्ड

दुर्ग।रविशंकर स्टेडियम में रविवार को 10 हजार से अधिक महिलाओं ने एकसाथ सुआ नृत्य किया। यह पहला मौका है जब छत्तीसगढ़ के इस पारंपरिक नृत्य को विश्व फलक पर लाने के लिए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। इसके साथ ही इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल करने की घोषणा की गयी।
– 10 हजार महिलाओं को जोड़कर सुआ नृत्य कराए जाने को लेकर इसकी शुरुआत हुई। इसके बाद स्कूलों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, महिला समूहों को जोड़कर यह पूरा आयोजन तैयार किया गया। स्कूलों में 10 से 12वीं कक्षाओं की लड़कियों को भी प्रशिक्षित किया गया।
– संस्था के एशिया हेड मनीष विश्नोई ने इसे लेकर आयोजन समिति गोदना को प्रोव्जिनल सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया, जिसमें इस पारंपरिक नृत्य में 5 हजार से अधिक की संख्या में एक जगह पर महिलाओं के होने की बात कही गई। कार्यक्रम का विरोध न करें इसलिए पुलिस ने युवा कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
कार्यक्रम के राजनीति मायने भी, जानिए
पिछले दिनों कोरबा में बीजेपी की कार्यसमिति की बैठक हुई। तय हुआ कि 2018 के लिए महिलाओं पर फोकस किया जाएगा। बकायदा सम्मेलन कराया जाएगा। सरोज पांडेय ने सुआ नृत्य के साथ इसकी शुरुआत कर दी। साैदान सिंह इसे देख काफी प्रसन्न भी हुए।
सीएम बोले- 40 साल पुराने स्टेडियम का होगा कायाकल्प, जल्द दी जाएगी मंजूरी
लगभग 40 साल पुराने रविशंकर स्टेिडयम का कायाकल्प होगा। सरोज ने दुर्ग के तरफ से स्टेडियम के कायाकल्प की डिमांड की। कहा, यह उन सुआ नृत्य के जरिए सीएम को आशीष देने वाली उन बहनों की डिमांड हैं, जो यहां उपस्थित है। सीएम ने कहा, इसका कायाकल्प होगा। इसके लिए कलेक्टर जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाएंगे।
सुआ नृत्य के लिए तय हुआ है 10 मिनट
गोल्डन बुक में नाम दर्ज करने के लिए स्थानीय नृत्य को लेकर अलग-अलग कैटेगरी है। इसमें गरबा के लिए जहां 30 मिनट, भांगड़ा के लिए पारंपरिक वेशभूषा के साथ 15 मिनट तय है। सुआ नृत्य के लिए कम से कम 10 हजार महिलाओं के लिए 10 मिनट का समय तय किया गया।
मणिपुर की महिलाओं का टूटेगा रिकॉर्ड
गोल्डन बुक के अपने पैरामीटर है। न्यूनतम 5 हजार महिलाएं किसी फोक डांस को एक साथ करती हैं, तो उस डांस के नेचर के हिसाब से टाइम तय होता है। इसके पूर्व भारत में मणिपुर की 8 हजार महिलाओं ने 8 मिनट तक अपना पारंपरिक नृत्य कर गोल्डन बुक में रिकार्ड बनाया।
महिलाओं ने मांगी साड़ी तो हुआ बवाल
इधर सुआ नृत्य के लिए आमंत्रित की गई महिलाओं को साड़ी नहीं मिलने से वे आक्रोशित हो गई। उन्हें बाकायदा कूपन जारी किया गया था, लेकिन भीड़ अधिक होने की वजह से साड़ियों का वितरण नहीं किया। जैसे-तैसे मानी।