100 करोड़ के इवेंट का झांसा देकर बच्चों से वसूले 2-2 हजार रुपए

क्रिकेट लीग मैच में 200 करोड़ से अधिक का इनाम देने का लालच देकर चयन के नाम पर एक इवेंट कंपनी ने बिलासपुर और रायपुर के 142 बच्चों से 2-2 हजार रुपए वसूल कर लिया। कंपनी की कार्यशैली को देखकर कुछ अभिभावकों ने पड़ताल की तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

मंगलवार को रेलवे परिक्षेत्र स्थित सेकरसा मैदान में रायपुर की ट्रू क्रिकेट इवेंट कंपनी ने 20-20 क्रिकेट लीग में एंट्री के नाम पर बच्चों का ट्रायल लिया। उन्होंने मैदान को एक माह के लिए किराए पर लिया है। ट्रायल मैच में 14 से लेकर 28 वर्ष तक खिलाड़ियों को जगह देने की बात कही जा रही है।

हालांकि ट्रायल देने ज्यादातर बच्चे ही आ रहे हैं। कंपनी के ग्राउंड मैनेजर कन्हैयालाल सिंह ने अभिभावकों से कहा कि चयन के बाद होने वाले लीग मैच में करीब 200 करोड़ रुपए का इनाम है। अगर बच्चों का चयन इस लीग मैच में होगा तो इनाम जरूर मिलेगा।

उसके झांसे में आकर बिलासपुर व रायपुर के 142 बच्चों के अभिभावकों ने 2-2 हजार रुपए दे दिए। कुछ अभिभावकों ने अपने स्तर पर जांच-पड़ताल की तो कंपनी की कार्यशैली संदिग्ध लगी।

कंपनी का दावा है कि सभी लीग मैच अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदानों में होंगे। इसके अलावा लीग को बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त होने की जानकारी दी गई।

जब अभिभावकों ने मैदान चयन के बारे में पूछा तो कंपनी के कर्ताधर्ता संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा बीसीसीआई से मान्यता के संबंध में कंपनी की ओर से झूठ बोला जा रहा है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने ऐसा कोई भी लीग नहीं होने की जानकारी दी।

हर सलेक्शन पर देनी होगी रकम

इवेंट कंपनी के ग्राउंड मैनेजर कन्हैयालाल सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे खिलाड़ी फाइनल सलेक्शन की ओर बढ़ेंगे वैसे-वैसे हर स्तर पर फीस देनी होगी। मैनेजर का कहना है कि कंपनी लाखों रुपए विज्ञापन में खर्च करती है। इसके अलावा मैदान किराए पर लेती है। खिलाड़ियों के खानपान की भी व्यवस्था की जाती है। उनका कहना है कि इसकी भरपाई खिलाड़ियों से की जाती है।

ये पुरस्कार देने का दावा

कंपनी की ओर से शहर के बच्चों और क्रिकेट प्रेमियों से पिछले कुछ दिनों से वाट्सएप सूचना देकर या फोन कर संपर्क कर लीग में हिस्सा लेने पर करोड़ों के इनाम मिलने का लालच दिया जा रहा है।

टीम के विजेता बनने पर एक करोड़, उपविजेता को 50 लाख व तीसरे स्थान के लिए 25 लाख की इनामी राशि देने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरिज के लिए भी पुरस्कार मिलेगा। गोल्डन बॉल, गोल्डन बैट के साथ ही सभी 16 टीमों के खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार देने की बात कही जा रही है।

देशभर में टूर्नामेंट का दावा, मैदान का पता नहीं

इवेंट कंपनी की ओर देशभर में टूर्नामेंट करवाने का दावा किया जा रहा है लेकिन मैनेजर को शहर और मैदानों के नाम की जानकारी ही नहीं है। साथ ही जिस नेशनल स्पोर्ट्स चैनल में मैच के प्रसारण की बात कह रहे हैं उन्हें चैनल के बारे में जानकारी ही नहीं है।

देशभर में होगा ट्रायल

देशभर में इवेंट कंपनी की ओर से ट्रायल लिया जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर से हुई और दूसरे चरण में बिलासपुर में ट्रायल हुआ। इसके बाद नागपुर, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, बैंगलुरु समेत अन्य राज्यों में ट्रायल मैच आयोजित करने का दावा किया जा रहा है।

नहीं थे सलेक्टर

ट्रायल के दौरान एक भी सलेक्टर और अनुभवी कोच नहीं थे। कंपनी के कर्मचारियों ने ही सलेक्टर और कोच की भूमिका अदा की। बॉलर को 2 ओवर में 2 विकेट और बल्लेबाजों को 2 ओवर 20 रन का टारगेट दिया गया। सेकरसा मैदान भी ट्रायल मैच के लिए तैयार नहीं था। पिच बारिश की वजह से काफी गीली थी।

अभिभावक मैदान से हुए वापस

ट्रायल देने शहर ही नहीं राज्य के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। इनमें से कुछ ने ट्रायल दिया। कुछ नाराज अभिभावक मैदान से वापस होते रहे। अभिभावकों का कहना था कि पूरा ट्रायल और इवेंट ही फर्जी है।

शहर में रहने वाले एजेड चौधरी अपने बच्चे के साथ पहुंचे थे, लेकिन बातचीत में कंपनी की कार्यशैली ठीक नहीं लगी। लिहाजा वे बिना ट्रायल लौट गए। जबकि कुछ अभिभावक कोरबा के हेमंत मिंज, सूरजपुर के रमेश कुमार साहू व विनोद रजक, बिलासपुर से शेख कमरूद्दीन और साजू सिमोन, जांजगीर-चांपा से विराट द्विवेदी ने ट्रायल के लिए 2-2 हजार रुपए दिए हैं।

– मैदान को कुछ दिनों के लिए ही किराए पर दिया है। इवेंट कंपनी क्या कर रही है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। – डॉ. प्रकाश चंद्र त्रिपाठी सीपीआरओ, दपूमरे

– काफी दिनों कंपनी के कर्ताधर्ता मैदान के लिए संपर्क कर रहे थे। उन्हें बारिश को देखते हुए मैदान तैयार नहीं होने की बात कर मना किया गया था। इसके बाद भी उन्होंने मैदान किराए पर ले लिया। – वी.देवराजन, खेल अधिकारी दपूमरे

– यह टूर्नामेंट गलत तरीके से आयोजित हो रहा है। इसके लिए कंपनी ने बीसीसीआई से मान्यता नहीं ली है। बिना मान्यता ऐसे बड़े इवेंट नहीं हो सकते हैं। – राजेश दवे, पूर्व सचिव व मीडिया प्रभारी, राज्य क्रिकेट संघ

– किसी भी बड़े इवेंट के लिए संघ को जानकारी के साथ ही बीसीसीआई से मान्यता आवश्यक है। संघ को इसकी जानकारी नहीं है। साथ ही ऐसे टूर्नामेंट में बीसीसीआई से संबंधित खिलाड़ी भी शामिल नहीं हो सकते हैं। – मुकुल तिवारी, अध्यक्ष,क्रिकेट संघ बिलासपुर