13 अफसरों को आरोप पत्र जारी, अब होगी विभागीय जांच

राजधानी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को दोहरा मानदेय देने के मामले में निलंबित आठ परियोजना अधिकारी एवं पांच लेखापालों को आरोप पत्र जारी कर दिए गए हैं। ये कार्यवाही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। अब संबंधितों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। उधर, मामले की जांच अब तक पूरी नहीं हुई है।

एकीकृत बाल विकास संचालनालय की जांच में राजधानी में ढाई करोड़ रुपए से अधिक का मानदेय घोटाला सामने आया है। विभाग के मैदानी अफसर एक माह में दो बार कार्यकर्ता और सहायिकाओं को सामान्य और ग्लोबल बजट से मानदेय जारी कर रहे थे।

इसमें से एक बार की राशि इन अफसरों के परिचितों के बैंक खातों में जा रही थी। ये खेल करीब चार साल से चल रहा था। मामले की प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जांच दल से 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन दल अब तक जांच पूरी नहीं कर पाया है। उल्लेखनीय है कि चार साल में पांच जांच कराने पर भी मामला पकड़ में नहीं आया था।

ठोस प्रमाण के आधार पर कार्रवाई

संचालनालय के अफसर बताते हैं कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी के ठोस प्रमाण मिल चुके हैं। इसलिए आरोप पत्र जारी कर दिए गए हैं। जब तक इन अफसरों के जवाब आएंगे, तब तक विस्तृत रिपोर्ट भी आ जाएगी। फिर विभागीय कार्यवाही श्ाुरू करेंगे।

दूसरे जिलों से भी नहीं आई रिपोर्ट

इस तरह की गड़बड़ी दूसरे जिलों में तो नहीं हुई है। इस आशंका के चलते संचालनालय ने प्रदेश के दूसरे जिलों से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को बांटे गए मानदेय की स्थिति पता लगाने को कहा था। इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई थी, लेकिन जिलों ने भी अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है।