17 साल बेटे को गोली मारते वक्त इस पिता के हाथ नहीं कांपे, इस गलती की दी थी सजा

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में एक शख्स ने अपने 17 साल के बेटे को गोली मार दी। पिता के हाथ बेटे को मारते हुए इसलिए नहीं कांपे क्योंकि उसका बेटा अपनी कजिन से दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था।

40 साल के इस शख्स और उसके बड़े बेटे को 29 जून को हिरासत में ले लिया गया। लड़के के पिता की सोमवार को औपचारिक गिरफ्तारी हुई।

उन्हें गांव के सरपंच मनोज जातव की एफआईआर के आधार पर हिरासत में लिया गया था, जिसमें पिता और उसके बड़े बेटे को लड़के की हत्या का आरोप लगाया था और इसे मानव बलि का मामला बताया था।

हालांकि पुलिस को पता चला कि मृत बेटा अपनी कजिन से छेड़छाड़ करता था और उसने हाल ही में उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी।

जब इस बारे में पिता को जानकारी हुई तो उसने 28 जून को देसी पिस्तौल से उसे गोली मार दी और उसी रात अंतिम संस्कार कर दिया गया।

भुसावर सर्किल अधिकारी महेंद्र कुमार शर्मा ने कहा, ‘लड़के के पिता का परिवार और उनके छोटे भाई का परिवार एक ही घर में रहता था। उनका भाई सीआरपीएफ कर्मी है। यह लड़का पिछले कुछ समय से बहन के साथ गलत हरकत कर रहा था और 25 जून को उसने दुष्कर्म की कोशिश की। यह मामला 28 जून को सामने आया तो पिता को गुस्सा आ गया और उसने बेटे पर गोली चला दी।’

इसके बाद, पिता ने कुछ रिश्तेदारों को बुलाया और उनके खेत में ही अंतिम संस्कार कर दिया। उसके बड़े बेटे ने अग्नि दी।

जब गांव के सरपंच को इस अचानक हुई मौत और उसी रात अंतिम संस्कार करने की बात का पता चला तो उन्होंने अन्य स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पुलिस को सूचित किया और शंका जताई कि यह मानव बलि का मामला हो सकता है।

सोमवार को पिता को जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। जिन्होंने साक्ष्यों को नष्ट करने में मदद की, उनकी भी गिरफ्तारी होगी।

जिस पिस्तौल से गोली मारी गई है, वह हथियार अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।