22 किलो सोने से बनी साड़ी पहनाई दुर्गा मा कि प्रतिमा को

पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गापूजा में यूं तो हर साल समितियां अनूठे थीम के जरिए दर्शकों को लुभाने का प्रयास करती हैं। लेकिन इस बार एक आयोजन समिति ने दुर्गा की प्रतिमा को 22 किलो सोने से बनी साड़ी पहना कर सबको चौंका दिया है। यह प्रतिमा महानगर के संतोष मित्र स्क्वायर पूजा पंडाल में लगाई गई है।प्रतिमा को जो साड़ी पहनाई गई है उसे चर्चित फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पाल ने तैयार किया है। 22 किलो सोने से बनी इस साड़ी पर जरी का काम किया गया है। पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप घोष बताते हैं कि 50 कलाकारों ने लगभग ढाई महीने की मेहनत से यह साड़ी तैयार की है।
इसमें 22 किलो से भी अधिक सोने का इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने बताया कि आयोजन समिति अपने 85वें साल में कुछ नया करना चाहती थी। थीम पर काफी विचार-विमर्श के बाद सोने की साड़ी का आइडिया आया।घोष बताते हैं कि दुर्गा प्रतिमाओं को सोने की जरी से बनने वाले वस्त्र और आभूषण तो पहले भी पहनाए जाते रहे हैं। लेकिन ऐसा पहला मौका है जब पूरी साड़ी 22 कैरेट सोने से बनी है। पेशे से सुनार रहे घोष स्वर्ण शिल्प बचाओ समिति के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है कि इस तरह की साड़ी तैयार करने का एक प्रमुख मकसद बंगाल के कारीगरों की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाना था।
साड़ी तैयार करने के लिए फर्म ने दिया सोना कुमारटोली के मशहूर कलाकार मिटू पाल ने बेहतरीन स्वर्णकारों के साथ मिल कर यह प्रतिमा तैयार की है। महानगर की सोने की एक फर्म ने साड़ी तैयार करने के लिए सोना दिया है। पंडाल में घुसते ही दर्शकों को लंदन पहुंचने जैसा आभास होता है। पंडाल में लंदन ब्रिज के अलावा बिग बेन, लंदन आई और बकिंघम पैलेस नजर आते हैं।