40 दिनों में कचरे को भी काम का बना देगा ये डिवाइस

नोएडा: इंडियन पोल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) अपनी परियोजना एस.ओ.आर.टी. के तहत रीसाइक्लिंग और उपचार के लिए जैविक अपशिष्ट का पृथक्करण के लिए ऐरोबिन लॉन्च किया। एरोबिन एक कनवर्टर डिवाइस है जो कि जैविक कचरे को 40 दिनों के भीतर खाद बना देता है। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि चूंकि हमारी लैंडफिल साइटें कचरे से अधिक बोझ से दबी हुई हैं और मिट्टी प्रदूषण, जल प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिग जैसी कई समस्याएं हो रही है।

ऐसे में स्वर्ण लता मदरसन ट्रस्ट एवं आईपीसीए के सहयोग से इस नयी प्रौद्योगिकी परियोजना एस. ओ. आर. टी. के साथ ठोस कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान करने के लिए आगे आ रही है। गीले कचरे में ग्रीनहाउस गैसों को कम करने की अधिक क्षमता है और इसलिए यह स्रोत श्रेष्ठ माना जाता है। यदि कचरे को ठीक से गीला और सूखा कचरे के रूप में विभाजित किया जाए और घर पर गीला कचरा खाद बनाया जाए तो यह लैंडफिल साइट तक नहीं पहुंच पाएगा और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन काफी कम हो सकती है।

यह परियोजना 5 स्थानों सनशाइन हेलियस नोएडा, साकेतधाम नोएडा, नोएडा इंद्रप्रस्थ-विला, नोएडा-सएफएस फ्लैट्स तथा दिल्ली के मयूर विहार एवं नई फ्रेंड्स कॉलोनी में प्रारंभिक चरण में शुरू हुई है और आगे बढ़ना चाहती है और दिल्ली एनसीआर को एक प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में काम काम करना चाहती है। कार्यक्रम में आर एस यादव वरिष्ठ अभियंता नॉएडा अथॉरिटी, राधा गोयल आईपीसीए निदेशक एवं सोसाइटी के महिलाओं ने इस सामाजिक पहल में सभी से योगदान देने की अपील की है।