5 घंटे तक चली सर्चिंग फिर 30 मीटर से शुरू फायरिंग ऐसे मारे गए 3 नक्सली

राजनांदगांव(रायपुर)।बुधवार दोपहर तकरीबन 2 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पल्लेमाड़ी दलम के नक्सली कोपनकड़का बस्ती की ओर देर शाम आएंगे। तीन घंटे पुलिस और आईटीबीपी की टीम ने नक्सलियों को घेरने प्लानिंग की और शाम 5 बजे जंगल की ओर निकल पड़ी।
– 5 घंटे तक पुलिस ने जंगल और आसपास के एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया। रात 10 बजे पुलिस उस ठिकाने पर पहुंच गई, जहां नक्सली रुके हुए थे। दोनों के बीच दूरी 30 से 40 मीटर ही होगी कि माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
– पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। पौन घंटे तक फायरिंग होती रही फिर माओवादी वहां से भाग निकले। पुलिस ने कोपनकड़का के जंगल को खंगालना शुरू किया तो वहां से एरिया कमेटी मेंबर महेश पोटावी, राकेश दुग्गा और डिप्टी कमांडर रंजीत नुरेटी का शव मिला।
– दूसरे दिन गुरुवार को दुर्ग रेंज आईजी दीपांशु काबरा खड़गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब उनका टारगेट राजनांदगांव-कांकेर बार्डर (आरकेबी) डिविजन का सचिव विजय रेड्‌डी है, उसे जल्द ही ढेर किया जाएगा।
करीब 15 नक्सली और 50 जवानों की टोली
– पुलिस को पहले सिर्फ यही सूचना मिली थी कि माओवादियों का लोकेशन रात के समय कोपेनकड़ा के करीब होगा। इसके बाद जिला पुलिस और आईटीबीपी की ज्वाइंट टीम जिसमें तकरीबन 50 जवान शामिल थे, वे जंगल की ओर निकल गए।
– रात का समय होने के कारण ज्यादा देर फायरिंग नहीं चली और माओवादी भाग निकले। माओवादियों को अंदाजा नहीं था कि पुलिस पहुंच जाएगी।
नक्सली इन घटनाओं में थे शामिल
– अप्रैल 2016 में माओवादियों ने पल्लेमाड़ी माइंस पर धावा बोल दिया था। वहां काम पर लगे वाहनों को आग के हवाले किया और मजदूरों से मारपीट भी की। माओवादियों ने कंपनी के एजीएम नायर को गोली मार दी थी।
– जुलाई 2009 में कोरकोट्‌टी में बड़ा नक्सली हमला हुआ था। जिसमें एसपी वीके चौबे सहित 29 जवान शहीद हुए थे। उस घटना में पल्लेमाड़ी एलओएस का एरिया कमेटी मेंबर महेश शामिल था जो इस वारदात में मारा गया।
पल्लेमाड़ी दलम अब खत्म हो गया
दुर्ग रेंज आईजी दीपांशु काबरा ने बताया कि नक्सलियों के साथ रहकर कोई फायदा नहीं होगा। वे कोई क्रांति नहीं ला सकते। इसलिए कोई भी उनके झांसे में न आए। मुख्यधारा से जुड़े। ग्रामीणों से भी अपील है नक्सलवाद को समाप्त करने पुलिस का सहयोग करें व सूचनाएं दें। पल्लेमाड़ी दलम अब खत्म हो गया है।