50 हजार रु. की रिश्वत मांगने वाले इंस्पेक्टर को 2 साल की कैद, 50 हजार जुर्माना

इंदौर.जिला कोर्ट ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले सहकारिता निरीक्षक व ऑडिट अधिकारी को दो वर्ष की कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी ने गृह निर्माण संस्था के ऑडिट और बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर के लिए रिश्वत ली थी।
आरोपी का नाम राकेश नाहर है। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने उसे 4 अप्रैल 2012 को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। तब वह सहकारिता विभाग इंदौर में वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक व ऑडिट ऑफिसर था। वर्तमान में वह आलीराजपुर में पदस्थ है। आरोपी को एकता गृह निर्माण सहकारी संस्था बैराठी कॉलोनी की शिकायत पर पकड़ा था। आरोपी ने संस्था के अध्यक्ष से संस्था के ऑडिट और बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर करने के लिए ढाई लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, जो कम होते-होते 50 हजार रुपए तक आ गई थी। घटना के एक दिन पहले फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। दूसरे दिन 4 अप्रैल को आरोपी रिश्वत लेने संस्था के बैराठी कॉलोनी स्थित कार्यालय पर पहुंचा था, जहां उसने पैसे लिए थे। तभी लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगेहाथ पकड़ा था।
विशेष न्यायाधीश जेपी सिंह के समक्ष हुई सुनवाई में लोकायुक्त पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सोनी ने 10 गवाहों के कथन कराए। आरोपी ने अपने बचाव के लिए एक गवाह के कथन कराए थे। कोर्ट ने सोमवार को आरोपी को दो वर्ष की कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाते हुए हाई कोर्ट में अपील अवधि तक के लिए जमानत दे दी।