8 रुपए से 200 रुपए तक महंगी हुई घरेलू बिजली

विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरों का एलान कर दिया। घरेलू बिजली दर में तीन सहित सभी श्रेणियों में औसत पांच फीसदी से कम बढ़ोतरी की गई है। इससे आम लोगों की जेब पर हर महीने 8 से 200 रुपए तक का भार बढ़ जाएगा। इस बीच बिजली वितरण कंपनी ने दावा किया है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद दूसरे राज्यों की तुलना मंे यहां बिजली अब भी सस्ती है। नई दरें 1 अप्रैल यानी शनिवार से लागू हो जाएंगी।

नई दर में सबसे ज्यादा झटका कृषि और कृषि आधारित उद्योगों को लगा है। उनकी बिजली दर करीब 4.3 फीसदी बढ़ गई है। स्टील उद्योगों की भी बिजली महंगी हुई है, लेकिन लोड फैक्टर का लाभ उन्हें मिलता रहेगा। आयोग के सचिव पीएन सिंह ने नई दरें जारी करते हुए बताया कि ऑफ पीक आवर में उनके 20 फीसदी ज्यादा लोड पर भी अब जुर्माना नहीं लगेगा। वहीं, रेलवे को दी जाने वाली बिजली के दाम में 10 पैसे की कमी के साथ ही अधिक खपत पर छूट देने की घोषणा की गई है।

सचिव सिंह ने बताया कि कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए अब तक ऑनलाइन बिल भुगतान पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया गया है। अब यह राशि उपभोक्ता से नहीं ली जाएगी, बल्कि वितरण कंपनी खुद वहन करेगी। गैर- घरेलू उपभोक्ता और माइनिंग सेक्टर की बिजली दरें बढ़ा दी गई हैं। सार्वजनिक उपयोग (जल प्रदाय और सड़क बत्ती) की बिजली दर में भी 10 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई है।

सरगुजा और बस्तर में दरें कम

सरगुजा और बस्तर प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले निम्न दाब यानी छोटे उद्योगों की दर में 10 फीसदी कमी की गई है। इन संभागों में 15 एचपी तक (आटा चक्की व पावर लूम) 4 स्र्पए प्रति यूनिट ऊर्जा प्रभार लिया जा रहा है, जिसे अब 3.40 रुपए कर दिया गया है। 25 एचपी तक के ऊर्जा प्रभार को 5 से घटाकर 4 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है।

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