9 महीने में 117 की जा चुकी जान, फिर भी कार्रवाई नहीं करते जिम्मेदार

बिलासपुर।विभिन्न घटनाओं, दुर्घटनाओं में नशे की वजह से हो रही मौतों पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लिया है। दैनिक भास्कर में छपी खबर इसका आधार बनी है। प्राधिकरण ने कलेक्टर को इस संबंध में नोटिस जारी कर नशीली दवा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्राधिकरण को रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा है। प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने यह नोटिस जारी किया है।
– शहर व इसके आसपास की बस्तियों में प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। नशे के आदी लोग प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग नशे के रूप में कर रहे हैं। दवाओं के अवैध कारोबारी अधिक कमाई के चक्कर में इन दवाओं काे डाॅक्टर के पर्ची के बिना ही बेच रहे हैं।
– जिला प्रशासन, पुलिस और दूसरे विभाग के अफसर ऐसे कारोबारियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस कारण पिछले 9 माह के भीतर 117 लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं में हत्या, आत्महत्या व सड़क दुर्घटनाएं शामिल हैं।
– दैनिक भास्कर ने 24 अक्टूबर को इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर पर छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विधिक ने संज्ञान लिया है। प्राधिकरण के सदस्य सचिव विवेक कुमार तिवारी ने कलेक्टर को पत्र जारी कर प्रतिबंधित दवाओं के अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
– प्राधिकरण कलेक्टर के दिए प्रतिवेदन को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष के सामने पेश करेगा। उल्लेखनीय है कि शहर की दवा दुकानों में टेबलेट एंजोलम, नाइट्रा, प्रोक्सीवॉन प्लस, इंटेसबिल, क्लोलोड्रील तथा कोरेक्स सीरप, फेनार्गन, फैसिडिल, बेनाड्रिल, टोसेक्स, माइट्रोवेट, विलियम 10, डाइजेपाम, एल्प्राजोलम, एल्जोलम, विलियम 5, पेक्सम, मारफिन सहित अन्य दवाएं पर्ची के बिना बेची जा रही हैं।
– नशे के आदी लोग खुलेआम इसे खरीद कर नशा कर रहे हैं। ड्रग विभाग अधिकार क्षेत्र की बात कहकर तो पुलिस जानबूझकर कार्रवाई से बचती है। यही वजह है कि शहर में इसका कारोबार फल-फूल रहा है। इससे अपराध का ग्राफ बढ़ रहा और नशे की चपेट में आकर लोग मौत की ओर बढ़ रहे हैं। सब यथावत है।