Box Office : ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ ने पहले हफ्ते में की इतनी कमाई

अमिताभ बच्चन और आमिर खान स्टारर बिग बजट फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ का आठ दिन लंबा पहला हफ्ता टिकट खिड़की पर पूरा हो गया है। इन आठ दिनों में इस फिल्म ने केवल 134.95 करोड़ रुपए कमाए हैं।

50 करोड़ से शुरू हुई फिल्म आठ दिन में 2.60 करोड़ रुपए पर आ गई है। तमाम शहरों में इसके शो भी कम कर दिए हैं, इसकी जगह ‘बधाई हो’ और नई फिल्में दिखाई जा रही हैं।

बता दें कि इसके टिकट खूब महंगे थे। एेसे में कमाई तो होना ही थी। पहले दिन की कमाई के मामले में फिल्म ने रिकॉर्ड बना दिया। इसके हिंदी संस्करण ने 50.75 करोड़ रुपए की कमाई की। इससे पहले शाहरुख खान की फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के पास यह रिकॉर्ड था जिसने पहले दिन 44.97 करोड़ रुपए कमाए थे। दूसरी भाषाओं की कमाई जोड़ें तो पहले दिन का आंकड़ा 52.25 करोड़ का था। दिवाली के बड़े मौके पर ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ से बड़ी कमाई की उम्मीद थी। जो फिल्म की समीक्षाओं के बाद कमजोर पड़ती दिख रही है। इसे समीक्षकों ने बुरी तरह धोया है। दर्शक भी इसे पसंद नहीं कर रहे। शुरूआती दिनों के तेवर के बाद इसका सुस्त पड़ना तय है। ‘यशराज’ फिल्म्स ने इसे बड़े पैमाने पर रिलीज किया है। फिल्म को हिंदी के साथ तमिल और तेलुगु में भी रिलीज़ किया गया है। ये किसी भी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी साउथ लैंग्वेज रिलीज़ है। हिंदी में ये फिल्म करीब 4600 स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई थी जबकि साउथ में 500 से ज्यादा स्क्रीन्स इसे हासिल हुई थीं। पहले देशभर में एक दिन में इसके करीब 23000 शो चल रहे थे।

विजय कृष्ण आचार्य के निर्देशन में बनी ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ को यशराज फिल्मस ने प्रोड्यूस किया है और इस फिल्म के जरिये आदित्य चोपड़ा ने एक बड़ा दांव भी खेला है। करीब दो साल से बन रही ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ को इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड का फील देने के लिए इसके इस्पेशल इफ़ेक्ट्स पर काफ़ी काम किया गया और इसी कारण फिल्म का बजट करीब 200 करोड़ रुपए हो गया।

सेंसर से यू/ए सर्टिफिकेट में पास की गई ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ का रनिंग टाइम दो घंटे 44 मिनट और 30 सेकेंड है। फिल्म में अमिताभ और आमिर खान के अलावा कटरीना कैफ और फातिमा सना शेख़ का भी अहम् रोल हैं। इसमें हैरान करने वाले दृश्यों की भरमार है और आमिर- अमिताभ के बीच पहली बार बड़े परदे पर जुगलबंदी है। ये फिल्म अंग्रेजों से गुलामी के दौरान संघर्ष करते आज़ाद और एक ठग के बीच की कहानी है। कहानी 1795 की है, जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने आई थी और उस बहाने भारत पर कब्ज़ा करने की मंशा थी l गोरों की गुलामी मंजूर न करने वालों ने इसके ख़िलाफ़ अपने अपने तरीके से आवाज़ उठाई जिसमें से एक आज़ाद/खुदाबक्श (अमिताभ बच्चन) थाl