CG : प्रदेश में कई मंत्रियों के टिकट पर संघ की टेढ़ी नजर

रायपुर । छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मंत्रियों के कामकाज से खासा नाराज है। संघ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में सात मंत्रियों के स्थान पर नए उम्मीदवार उतारने की सिफारिश की गई है। खास बात यह है कि इन सीटों पर संघ के सक्रिय कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाने की नसीहत दी गई है। संघ ने बस्तर और सरगुजा की कई सीटों के साथ मैदानी इलाकों की सीट पर भी अपने उम्मीदवारों का नाम आगे किया है। यही नहीं, संघ ने भाजपा संगठन में सक्रिय कुछ नेताओं के नाम पर सहमति भी दी है।

संघ के आला पदाधिकारियों ने बताया कि आंतरिक सर्वे में चुनाव काफी कांटे का है। बस्तर और दुर्ग संभाग के एक, रायपुर और बिलासपुर के संभाग के दो और सरगुजा संभाग के एक मंत्री की टिकट काटने का सुझाव दिया गया है। बताया जा रहा है कि संघ ने इन मंत्रियों की सीट से सांसदों के नाम का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों की मानें तो बस्तर से दो सांसदों विक्रम उसेंडी और दिनेश कश्यप को पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आदिवासी बहुल इलाकों में भाजपा के पक्ष में लहर कमजोर पड़ती नजर आ रही है। स्थानीय विधायकों के प्रति जनता में भारी आक्रोश है। ऐसे में विधायकों के स्थान पर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाए।

बताया जा रहा है कि पूर्व संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह, निरंजन सिन्हा, पुर्णेंदू सक्सेना जैसे नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। इन नेताओं की छवि का चुनावी मोर्चे पर फायदे का अनुमान लगाया जा रहा है।

संघ के पदाधिकारियों की मानें तो चुनाव में विकास तो मुद्दा है, लेकिन कांग्रेस की आक्रामक शैली ने समीकरणों को बदल दिया है। कई विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों को दमदारी से भाजपा नेताओं की ओर से नहीं उठाया गया जिससे जनता में नाराजगी है।

संघ के पदाधिकारी लगा रहे गांवों में चौपाल

संघ के पदाधिकारियों को गांवों में वोटरों का मन बदलने के मोर्चे पर उतारा गया है। बताया जा रहा है कि ये पदाधिकारी गांवों में चौपाल लगा रहे हैं। संघ के बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सक्रिय पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ में तैनात किया गया है। संघ के करीब 300 पदाधिकारी अलग-अलग जिलों में जमीनी हकीकत की पड़ताल कर रहे हैं और माहौल को भांपते हुए चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।