चना वायदा से बैन हटाने पर विचार रही है सरकार

किसानों को उपज की अच्छी कीमत दिलाने के वास्ते सरकार चना (चना दाल) में वायदा कारोबार से बैन हटाने पर विचार कर रही है। मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने जून में चने की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए चना वायदा के नए कॉन्ट्रैक्ट पर रोक लगा दी थी।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय सक्रिय रूप से चना वायदा कारोबार के प्रस्ताव पर अनुमति देने का विचार कर रहा है। कृषि मंत्रालय भी इस प्रस्ताव के पक्ष में है और वह किसानों को दलहन के बेहतर कीमतें सुनिश्चित करने को लेकर चिंचित है। आने वाले हफ्तों में रबी फसलों की कटाई पूरे जोरों पर शूरू हो जाएगी।

मंत्रालय को लगता है कि चना वायदा को फिर से शुरू किए जाने पर किसानों को चने की वायदा कीमत की जानकारी मिलेगी और उनको अपनी उपज को वाजिब मूल्य मिलेगा।

कमोडिटी वायदा मार्केट के एक्सपर्ट्स का कहना है कि चना में वायदा कारोबार की अनुपस्थिति में किसान हाजिर बाजार कारोबारियों को अपनी उपज कीमत जानें बिना बेच देंगे और उनको मार्केट से कम रेट मिलेगा। उन्होंने कहा, नेशनल कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंजों की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पारदर्शी तरीके से कमोडिटी वायदा का भाव मालूम करने में मदद करता है।

अच्छी बारिश और बेहतर सपोर्ट प्राइस की वजह से इस साल 221.4 लाख टन दलहन का उत्पादन होने के अनुमान से दालों की कीमतों में गिरावट हुई है। चना सहित रबी दलहन, फसल तैयार हैं।

सरकार द्वारा जारी दूसरे अनुमान के मुताबिक, देश में पिछले साल 71.7 लाख टन के मुकाबले इस साल 91.2 लाख टन चने का उत्पादन होने का अनुमान है। इसलिए सरकार किसानों को उसकी उपज का बेहतर कीमत दिलाने को सुनिश्चित करना चाहती जिससे कि आने वाले वर्षों में किसान दलहन की अच्छी पैदावार करें और देश को दालों की आयात पर से निर्भरता घटे।

Leave a Reply