FIFA World Cup : 40 साल बाद फुटबॉल विश्व कप में जीता यह देश

नॉकआउट की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकीं पनामा और ट्यूनीशिया के लिए यह प्रतिष्ठा का मुकाबला था। ट्यूनीशिया ने इसका फायदा उठाते हुए 40 साल बाद विश्व कप में जीत हासिल की। 1978 विश्व कप में आखिरी बार टयूनीशिया ने इससे पहले कोई मुकाबला जीता था।

ट्यूनीशिया के मजबूत डिफेंस के आगे पनामा टिक नहीं पाई और एक आत्मघाती गोल करने के बावजूद 2-1 से मुकाबला जीता। मैच के 41वें मिनट में ट्यूनीशिया के पास गोल करने का एक बेहतरीन मौका था। मैच के 55वें मिनट में पनामा के स्टार खिलाड़ी टोरेस चोटिल हो गए। टोरेस की जगह लुइस तेजाडा को मैदान में भेजा गया।

मैच के 71वें मिनट में ट्यूनीशिया के एनिसे बादरी को यलो कार्ड दिखाया गया। मैच के 73वें मिनट में पनामा को फ्री किक का मौका मिला, लेकिन गोल करने का मौका चूक गया। इस दौरान ट्यूनीशिया ने दूसरा बदलाव करते हुए नाइम स्तिति की जगह अहमद खलील को मैदान में भेजा।

इस बीच गोल करने की जल्दबाजी में पनामा दो मिनट के अंदर ही दो यलो कार्ड ले बैठा। 90वें मिनट में पनामा के पास गोल करने का एक बेहतरीन मौका आया, लेकिन बॉक्स के अंदर खड़े चारों ही खिलाड़ी गोल करने से चूक गए।

इंजुरी टाइम में ट्यूनीशिया के घेलन चालेली को यलो कार्ड दिखाया गया, जबकि इसके कुछ ही देर बाद पनामा के लुइस तेजाडा को मैच का आखिरी यलो कार्ड दिखाया गया और इसी के साथ पनामा का विश्व कप इतिहास की पहली जीत दर्ज करने का सपना चकनाचूर हो गया। वह 1-2 से यह मुकाबला हारकर विश्व कप से विदा हो गई।

गोल का खेल : पहले हाफ के 33वें मिनट में ही ट्यूनीशिया खुद गलती कर बैठी। पनामा के जोस रोड्रिगुज ने बॉक्स के बाहर से शॉट खेला। बॉक्स के अंदर खड़े टयूनीशिया के यासिन मारिया बायें हाथ पर खड़े मथलोथी को पास देना चाहते थे, लेकिन वह गलत शॉट खेल गए और गेंद उनके खुद के ही गोल पोस्ट में समा गई। इसी के साथ पनामा ने मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। ट्यूनीशिया ने दूसरे हाफ में शानदार आक्रमण किया। वाहबी खाजरी दायें ओर से गेंद को लेकर गोल पोस्ट के करीब आए और उन्होंने फखरेददीने को पास दिया।

51वें मिनट में यूसुफ ने खाजरी से मिले पास को गोल में तब्दील करके स्कोर को 1-1 की बराबरी पर कर दिया। 66वें मिनट में ओसामा हदीदी ने गोल पोस्ट के बायें ओर से खाजरी को शानदार पास दिया। खाजरी ने मौका नहीं चूकते हुए गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुंचा दिया और इसी के साथ ट्यूनीशिया ने मैच में 2-1 की बढ़त बना ली। इसी के साथ खाजरी टयूनीशिया की ओर से एक विश्व कप में दो गोल दागने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।