IMF ने भारत का विकास दर अनुमान घटाया

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के विकास दर का अनुमान घटा दिया है। आईएमएफ के मुताबिक, 2018 और 2019 में भारत की विकास दर क्रमशः 7.3 फीसद और 7.5 फीसद रह सकती है। अप्रैल में जारी अनुमान की तुलना में इसमें क्रमशः 0.1 फीसद और 0.3 फीसद की कमी की गई है। हालांकि इस गिरावट के बाद भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2017 में देश की विकास दर 6.7 फीसद रही थी।

आईएमएफ के नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में घरेलू मांग पर महंगे कच्चे तेल के दुष्प्रभाव को देखते हुए अनुमान घटाया गया है। हालांकि इस कमी के बाद भी भारत चीन से आगे बना रहेगा। ताजा अनुमान के मुताबिक, चीन की विकास दर 2018 और 2019 में क्रमशः 6.6 फीसद और 6.4 फीसद रह सकती है। 2017 में चीन की विकास दर 6.9 फीसद रही थी। इस साल अप्रैल-जून तिमाही में चीन की विकास दर 6.7 फीसद रही है। इससे पिछली तिमाही में विकास दर 6.8 फीसद रही थी।

आईएमएफ ने वैश्विक विकास दर का अनुमान 2018 और 2019 के लिए 3.9 फीसद पर यथावत रखा है। हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियां बढ़ने की बात कही गई है। आईएमएफ ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ट्रेड वार के कारण उभरते बाजारों व विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के विकास पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई है।

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री मॉरिस ऑब्सफेल्ड ने कहा के ट्रेड वार के कारण निवेशकों के भरोसे, एसेट प्राइस और निवेश राशि पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव वैश्विक विकास के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच टैरिफ वार का दौर आगे खिंचा तो 2020 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर में आधे फीसद तक की गिरावट आ सकती है।