INS कलवरी नेवी को सौपी गयी ,देश की सुरक्षा अब और हो गई पुख्ता …

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को मुंबई में नौसेना को कलवरी पनडुब्बी सौंपी। कलवरी सबमरीन को कमीशन करने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में फ्रांस ने काफी मदद की | स्कॉर्पीन श्रेणी की इस पनडुब्बी को शिपबिल्डर्स मझगांव डॉक लिमिटेड में तैयार किया गया है| कलवरी का 120 दिनों का व्यापक समुद्री परीक्षण किया जा चुका है। इससे भारतीय नौसेना की रक्षा क्षमताएं बढ़ने की उम्मीद है।पिछले 17 सालो में यह पहली भारतीय सबमरीन हे जिससे देश की सुरक्षा में शामिल किया गया |स्कार्पीन क्लास की इस पहली पनडुब्बी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ गई है और इसे दुनिया में बेहतर माना जा रहा है। इसे मझगांव डॉक लिमिटेड ने बनाया है।आईएनएस कलवरी डीजल-इलेक्ट्रिक मोटर के दम पर चलती है और जैसे समंदर में शार्क अपने शिकार को बिना खबर लगे दबोच लेते ही। वैसे ही समुद्र के अंदर गहरे जाने वाली ये पनडुब्बी बिना शोर किए दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखती है। जिससे दुश्मनो के दन्त खट्टे हो जाएंगे |
– आईएनएस कलवरी की कुल लंबाई 67.5 मीटर है, वहीं उसकी ऊंचाई 12 मीटर से ज्यादा है।- पानी की अंदर इसकी ताकत को देखते हुए ही इसे कलवरी नाम दिया गया है। जिसे मलयालम में टाइगर शार्क कहा जाता है। पानी के भीतर इसकी तेजी, हमला करने की क्षमता गजब की है। कलवरी का ध्येय वाक्य है ‘हमेशा आगे’, जो ये बताने के लिए काफी है, इसे किस सोच के साथ तैयार किया गया है।
– भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली 6 स्कार्पीन क्लास पनडुब्बी में से ये पहली है।
– भारत की दूसरी पनडुब्बियों से आईएनएस कलवरी कम शोर करती है और ये उन्नत तकनीक से लैस है।