ISIS ने ली मिस्र के सिनाई में हुए हमले ज़िम्मेदारी, 23 सैनिकों की हुई थी मौत

अल-अरीश (मिस्र)मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप स्थित सैन्य चौकी पर किए कार बम विस्फोट एवं गोलीबारी की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने ली है. शुक्रवार (7 जुलाई) हुए इस हमले में कम से कम 23 सैनिकों की मौत हो गई थी. यह इस अशांत क्षेत्र में पिछले दो साल में हुआ सबसे घातक हमला है. शुक्रवार शाम के इस्लामिक स्टेट समूह ने एक बयान जारी करते हुए हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने यह हमला इसलिए किया क्योंकि मिस्र सेना सिनाई में आईएस के ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रही थी.

शुक्रवार के इन समन्वित हमलों से प्रतीत होता है कि इराक और सीरिया के बाद सिनाई के आतंकी ऐसे हैं, जो बार-बार सिर उठाने की क्षमता रखते हैं. इराक और सीरिया में कथित खलीफा शासन अपने पतन की ओर बढ़ रहा है. कल (शुक्रवार, 7 जुलाई) का हमला यह भी दर्शाता है कि मिस्र के बल यहां आईएस पर लगाम कसने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

हमला शुक्रवार (7 जुलाई) सुबह-सुबह सीमावर्ती शहर राफह के दक्षिण-पश्चिम स्थित अल-बर्थ गांव में हुआ. हमले के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने अपना वाहन सैन्य परिसर की एक चौकी में घुसा दिया था. सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार दर्जनों नकाबपोश आतंकवादी एसयूवी गाड़ियों में सवार होकर आए और उन्होंने मशीन गनों से सैनिकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी.

नाम न उजागर करने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी करीब आधे घंटे तक चली. परिसर में उस समय करीब 60 सैनिक मौजूद थे. वॉशिंगटन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नौर्ट ने कहा कि अमेरिका सिनाई हमले की कड़ी निंदा करता है और वह ‘आतंकवाद का सामना करने के लिए मिस्र के साथ खड़ा है.’